जोधपुर। जोधपुर रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष पंत मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने सुनवाई 6 मार्च को टालते हुए डीआरएम को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ में याचिकाकर्ता जोधपुर निवासी विशाल सिंघल ने कहा कि वर्ष 2016 से पहले जोधपुर रेलवे स्टेशन पर बैटरी ऑपरेटेड कार की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन उसके बाद यह सुविधा नहीं है। रेलवे के अधिवक्ता ने कहा कि रेलवे की पॉलिसी के तहत बैटरी ऑपरेटेड कार मुहैया करवाए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। वर्ष 2016 में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया गया, लेकिन किसी ने बैटरी ऑपरेटेड कार सुविधा शुरू करने में रुचि नहीं दिखाई। कोर्ट ने डीआरएम से इस संबंध में की गई कार्यवाही का ब्यौरा पूछते हुए उचित शपथ पत्र पेश करने को कहा। रेलवे ने प्रत्येक प्लेटफॅार्म पर एस्केलेटर की सुविधा को लेकर बजट की कमी का उल्लेख किया।
याचिकाकर्ता ने बैटरी ऑपरेटेड कार की अनुपलब्धता के अलावा रेलवे प्लेटफार्म तथा ट्रेन के डिब्बे की ऊंचाई में असमानता के कारण यात्री द्वारा डिब्बे में चढऩे में परेशानी, लिफ्ट व एस्केलेटर का असमय बंद हो जाना, सभी प्लेटफार्म पर एस्केलेटर की सुविधा ना होना, प्लेटफॉर्म के दोनों तरफ लिफ्ट का ना होना, टॉयलेट बंद होने सहित कई समस्याओं की ओर ध्यान खींचा है।
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