चार करोड़ का स्टॉक घोषित न करने को मांगी थी पांच लाख रिश्वत

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर.

आयकर विभाग नागौर के अधिकारियों ने मणिहारी फर्मों पर आयकर सर्वे में चार करोड़ रुपए का स्टॉक अधिक बताने का डर दिखाकर व्यापारी पर रिश्वत के लिए दबाव बनाया, जबकि सर्वे के बाद चार फर्मों से १.११ करोड़ की राशि सरेण्डर कराई जा चुकी थी। सीबीआई की गिरफ्त में आए आयकर अधिकारी लक्ष्मणसिंह, आयकर निरीक्षक प्रेमसुख डिडेल व सीए सुरेश पारीक से पूछताछ व इनके दस ठिकानों से जब्त दस्तावेजों की जांच जारी है।
सीबीआइ सूत्रों के अनुसार नागौर में चुड़ीघर मोहल्ला निवासी सैयद सदाकत अली व उसके परिवार के नाम चार फर्में हैं। आयकर विभाग ने गत ४ मार्च को उसकी फर्मों पर सर्वे किया था। जिसमें आयकर अधिकारी लक्ष्मणसिंह, राजेन्द्र मीणा, आयकर निरीक्षक प्रेमसुख डिडेल व अन्य कर्मचारी शामिल थे। सर्वे के बाद उसे अवगत कराया गया था कि बुक ऑफ रिकॉर्ड की तुलना में स्टॉक की मात्रा अधिक है। उससे १.११ करोड़ रुपए की आय सरेण्डर कराई गई।

इस दौरान आयकर अधिकारियों ने व्यापारी से कहा कि वे तीन से चार करोड़ रुपए का स्टॉक भी घोषित कर सकते हैं। एेसा होने पर टैक्स व पेनल्टी कहीं अधिक जमा करानी पड़ेगी। यह सुनकर व्यापारी घबरा गया।
आयकर अधिकारियों ने इसका फायदा उठाकर व्यापारी के सीए सुरेश पारीक को मोहरा बनाया। स्टॉक को तीन से चार करोड़ रुपए अधिक न दिखाने के बदले सीए सुरेश ने व्यापारी से आयकर अधिकारियों के लिए पांच लाख रुपए रिश्वत मांगी। गत ११ मार्च को व्यापारी ने सीबीआइ से लिखित शिकायत कर दी।

सीए के ऑफिस में सत्यापन
शिकायत का सत्यापन कराने के लिए सीबीआइ ने वॉइस रिकॉर्डर के साथ व्यापारी को सीए के हाथी चौक स्थित कार्यालय में भेजा, जहां दोनों के बीच रिश्वत राशि कम करने के बारे में बातचीत हुई। आखिरकार आयकर अधिकारियों के लिए चार लाख रुपए रिश्वत लेना तय हुआ। पूरी बातचीत वॉइस रिकॉर्डर में रिकॉर्ड हो गई। सत्यापन के बाद सीबीआइ ने व्यापारी को चार लाख रुपए देकर दुबारा सीए के पास भेजा। सीए ने जैसे ही रकम हाथ में ली, सीबीआइ ने दबिश देकर उसे रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। फिर आयकर अधिकारी लक्ष्मणसिंह और आयकर निरीक्षक प्रेमसुख डिडेल को भी गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपी रिमाण्ड पर हैं। आयकर अधिकारी राजेन्द्र मीणा की भूमिका की जांच की जा रही है।

चार फर्मों में तीन दिन चला था सर्वे
मणिहारी कारोबार सैयद सदाकत अली व परिवार के नाम सदाकत ट्रैडर्स, सुलेमानी ट्रेडर्स, क्रॉस रोड और सुलेमानी ब्रदर्स नामक फर्में हैं। चारों पर ४ मार्च को शुरू हुआ आयकर सर्वे छह मार्च को पूरा हो सका था।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3cYCT3G
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment