यात्रा के नाम पर यात्रियों की जान से किया जा रहा है खिलवाड़, धड़ल्ले से दौड़ रही हैं रोडवेज की अनफिट बसें

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ओम बडग़ुर्जर/जोधपुर. जोधपुर डिपो की बसों में सफर कर रहे हैं तो एक बार उनकी स्थिति का जायजा अवश्य लें। क्योंकि यात्री भार व आय बढ़ाने के चक्कर में जोधपुर डिपो कंडम योग्य बसों को भी धड़ल्ले से सडक़ों पर दौड़ा रहा है। ऐसी बसें बीच राह ब्रेकडाउन हो सकती हैं। किसी तकनीकी खराबी से रास्ते में हादसा तक हो सकता है लेकिन सबकुछ जानते हुए भी जिम्मेदार इन बसों को वर्कशॉप भेजने की अपेक्षा रूट पर भेज यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।

ऐसे में कभी कोई दुखद हादसा घटित हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा? मेज नदी में बस पलटने से हुई दुखांतिका के बाद बसों की फिटनेट को लेकर जिम्मेदार सजग हुए। राज्य के  सभी डिपो प्रबंधकों को भी बसों की फिटनेस समय पर करवाने के लिए पाबंद किया गया। लेकिन जोधपुर डिपो में अभी भी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। 35 बसों की फिटनेस का मामला अटका हुआ है तो 14 कंडम योग्य बसें रूट पर दौड़ाई जा रही है।

बसों की हालत भी खस्ता
कंडम बसों की हालत भी खस्ताहाल है। अधिकतर बसों की सीटें फटी है ं तो किसी की साइड हेडलाइट तक नहीं है, तो किसी के इंजन में तकनीकी कमी है। फिर भी उसे दुरुस्त कर रूट पर भेजा जा रहा। ऐसे में कई बार कंडम बसें बीच रास्ते ब्रेकडाउन होती है। जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ये 14 बसें कंडम, फिर भी दौड़ रही रूट

वर्ष 2010 मॉडल की बसें - आरजे-19 पीए-4425, आरजे-19 पीए-4442, आरजे-19 पीए-4446, आरजे-19 पीए-4452
वर्ष 2011 मॉडल की बसें - आरजे-19 पीए-4642, आरजे-19 पीए-4643, आरजे-19 पीए-4749, आरजे-19 पीए-4750, आरजे-19 पीए-4751, आरजे-19 पीए-4758, आरजे-19 पीए-4759, आरजे-19 पीए-4760, आरजे-19 पीए-5704, आरजे-19 पीए-5705

यह हैं मापदंड
आठ लाख किलोमीटर या आठ साल तक चलने के बाद मापदंडों के तहत रोडवेज बस को कंडम योग्य मान लिया जाता है तथा उसे रूट पर नहीं भेजा जाता। क्योंकि बीच राह बस के ब्रेकडाउन होने एवं हादसा होने की आशंका रहती है लेकिन हकीकत यह है  कि बसों की कमी के चलते अधिकतर डिपो में कंडम बसों को दुरुस्त कर रूट पर दौड़ाया जाता है।

अच्छी कंडीशन की बसों को दुरुस्त कर चलाते हैं
कई बसें ऐसी होती हैं जिनकी कंडीशन अच्छी होती है  तो उसे आठ लाख किलोमीटर से  भी  ज्यादा चलाते हैं। फिर जैसे-जैसे नई बसें मिलती है  पुरानी बसों को कंडम घोषित करने की कार्रवाई करते है।
- बी.आर. बेड़ा, चीफ मैनेजर, जोधपुर डिपो



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