जेल में बंद आसाराम ने पलाश के फूलों से होली खेलने की दी सलाह

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जोधपुर.
गुरुकुल की नाबालिग छात्रा से बलात्कार करने पर ताउम्र सजा काट रहे आसाराम ने जोधपुर सेन्ट्रल जेल से होली पर रंगों की बजाय पलाश के फूलों से होली खेलने की नसीहत दी। जेल में एसटीडी पीसीओ से अहमदाबाद में दत्तक पुत्र से बात करने के दौरान यह नसीहत दी गई है। सोशल मीडिया पर 4.54 मिनट का यह ऑडियो वायरल हो रहा है।वायरल ऑडियो में आसाराम ने कहा कि वो जोधपुर से बोल रहा है। जो होली खेलेंगे व खिलाने वाले हैं, उन्हें खबर करो। होली में काम आने वाला काले रंग में रेड ऑक्साइड है जो गुर्दे की बीमारी, हरे रंग में कॉपर सल्फेट होता है जो जलन, सिल्वर रंग में एल्युमिनियम होता है जो कैंसर की बीमारी देता है। वहीं, लाल रंग मरक्यूरी का होता है उससे त्वचा रोग और बैंगनी रंग आयोडाइज्ड है उससे दमे की बीमारी होता है। जबकि पलाश के फूलों का रंग 140 बीमारियों की जड़ें काटता है।

आसाराम ने होली के बाद पन्द्रह-बीस दिन नीम की 20-25 कोफले व एक काली मिर्च चबाकर खाने की सलाह देते हुए सत्संग कार्यक्रमों में यह संदेश आमजन तक फैलाने को भी कहा।

मांस खाने वालों को वायरस
विश्व में फैल रहे कोरोना वायरस के संबंध में ऑडियो में आसाराम ने कहा कि जो सूअरों व प्राणियों का मांस खाते हैं उन्हें वायरस पकड़ता है। हमारे साधकों को वायरस नहीं पकड़ सकता है। जो तुलसी व नीम के पत्ते खाते हैं।
नियमों के तहत की बातजेल में एसटीडी पीसीओ के मार्फत आसाराम ने गत एक मार्च को अहमदाबाद में दत्तक पुत्र से बात की थी। उसी दौरान यह संदेश प्रसारित किया गया है। आतंकी अथवा राष्ट्रद्रोह वाले आरोपियों को छोड़ जेल में कोई भी बंदी या कैदी प्रतिदिन पांच मिनट एसटीडी पीसीओ से रिश्तेदार से बात कर सकता है। बंदी या कैदी के रिश्तेदारों के नम्बर की एसओजी व एटीएस जांच करती है। उसके बाद ही अनुमति दी जाती है।
-कैलाश त्रिवेदी, उप महानिरीक्षक, जोधपुर सेन्ट्रल जेल।



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