जोधपुर. ईरान में फंसे भारतीयों का दूसरा दल सोमवार को जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन पर पहुंचा है। रविवार को जैसलमेर पहुंचे 236 भारतीयों के पहले बैच के बाद 53 यात्री भारत पहुंचे हैं। प्रक्रिया के अनुसार आगमन पर हवाई अड्डे पर इन यात्रियों की प्रारंभिक जांच की गई। इसके बाद उन्हें जैसलमेर के आर्मी स्वस्थता केन्द्र ले जाया गया। सेना के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे इन सभी भारतीय नागरिकों को स्वस्थता केन्द्र में रखने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
उन्हें अपने अनिवार्य क्वरेनटाइन अवधि के दौरान अपेक्षित चिकित्सा और प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। साथ ही लोगों को कोरोना वायरस के खिलाफ हर संभव सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मिलिट्री स्टेशन में सेना के साथ राज्य सरकार की चिकित्सकीय टीम काम कर रही है। रविवार से पूर्व 44 यात्रियों का दल गत शुक्रवार को भारत आया था।
विदेश मंत्री ने अपने ट्वीट में ईरान सरकार के प्रयासों की भी सराहना की थी। आर्मी के अनुसार जैसलमेर में आर्मी, जैसलमेर एयरपोर्ट प्रशासन और एयरफोर्स मिलकर काम कर रही है। गौरतलब है कि जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन में आइसोलेशन कैंप बनाया गया है जहां करीब पांच सौ बेड की व्यवस्था की गई है। कोरोना वायरस का संक्रमण अत्यधिक फैलने की वजह से ईरान और इटली में हवाई सेवाएं बंद कर दी गई है, जिसके कारण वहां कई भारतीय फंसे हुए हैं।
कोरोना वायरस का कहर : स्कूलों-कोचिंग सेंटर में अवकाश, बोर्ड परीक्षाएं चलेंगी
भारत सरकार वहां फंसे भारतीयों को विमानों के जरिए भारत ला रही है, जिन्हें देश में बनाए गए विभिन्न आइसोलेशन कैंप में रखा जा रहा है। अब तक हिडन, हरियाणा के मानेसर और मुंबई के घाटकोपर में यात्रियों को ले जाया गया था। पहली बार जैसलमेर लाया गया है।
जोधपुर मिलिट्री स्टेशन में भी करीब 200 बेड के आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है। जोधपुर का स्टैंड बाय मोड पर रखा गया है। इसके अलावा चैन्नई, कोलकाता, झांसी, देवली, सिकंदराबाद में भी आइसोलेशन कैंप बनाए जा रहे हैं। आर्मी के वैलनेस सेंटर में इनके लिए खाने-पीने के अलावा खेलकूद की व्यवस्था की गई है। शाम को वहां से आए भारतीयों ने एंजॉय भी किया।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2UcxFJ1
0 comments:
Post a Comment