जोधपुर. ईरान में फंसे भारतीयों को लेकर विशेष विमान शुक्रवार सुबह जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन पहुंचेगा। विमान में 120 यात्री भारत आएंगे। इनको यहां मिलिट्री स्टेशन स्थित वेलनेस सेंटर में अस्थाई रूप से बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में डॉक्टरों की देखरेख में भर्ती किया जाएगा। इनकी स्क्रीनिंग होगी। इन्हें 14 दिन तक आइसोलेशन में रखने के बाद छुट्टी दी जाएगी। जोधपुर मिलिट्री होस्पिटल से चिकित्सकों की विशेष टीम को जैसलमेर भेजा गया है।
सेना की दक्षिणी कमान ने जोधपुर के अलावा तेलंगाना के सिकंदराबाद और तमिलनाडू के चैन्नई मिलिट्री स्टेशन पर भी आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। दो दिन बाद एक और विमान इतने ही यात्रियों को लेकर चैन्नई या सिकंदराबाद उतरेगा। ईरान में कोरोना वायरस से अब तक 324 लोगों की मौत हो चुकी है। वहां फंसे करीब 2 हजार भारतीयों ने केंद्र सरकार से सुरक्षित निकालने की गुहार की थी।
तीन दिन पहले ही भारतीय वायुसेना का मालवाहक विमान सी-17 ग्लोबमास्टर ईरान गया था। वहां से अब धीरे-धीरे भारतीयों को निकाला जा रहा है। संक्रमण की आशंका से इन सभी को पहले सेना की ओर से बनाए गए विशेष आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। स्क्रीनिंग और एक पखवाड़े तक जांच के बाद ही इन्हें घर भेजा जाएगा। वायरस की पुष्टि होने पर इनका त्वरित इलाज किया जाएगा ताकि वायरस अन्यत्र नहीं फैले।
दक्षिण कमान के अलावा अन्य कमान ने भी झांसी, देवली, कोलकाता में भी आइसोलेशन वार्ड बनाए हैं। इससे पहले हरियाणा के मानेसर में सेना की ओर से ऐसा ही अस्थाई कैंप बनाया हुआ है, जहां इटली के नागरिकों को रखा गया है। जोधपुर मिलिट्री अस्पताल में भी आइसोलेशन वार्ड बनाकर संदिग्धों को रखने की व्यवस्था की गई है।
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