गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की रविवार को हुई सिंडिकेट बैठक में करियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के लिफाफे खोल दिए गए। इसमें विश्वविद्यालय के 10 शिक्षकों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नत किया गया है। साथ ही एक असिस्टेंट प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर को सीनियर स्केल दी गई है। कुल मिलाकर 21 एसोसिएट प्रोफेसर की पदोन्नति होनी थी लेकिन कुछ ने इंटरव्यू नहीं दिया जबकि इक्का-दुक्का योग्य नहीं थे।
विश्वविद्यालय की ओर से सीएएस के इंटरव्यू शनिवार से शुरू हो गए थे। रविवार अपराहन 4.30 बजे हुई सिंडिकेट बैठक में लिफाफे खोले गए। इसमें सतीश हरित, जय सिंह राठौड़, नरेंद्र मिश्र, कृष्णावतार गोयल, नवनीता सिंह, राम सिंह हाडा, मीना बरडिय़ा, अमन सिंह राठौड़, राजेंद्र माथुर और सुरजा राम जाखड़ को एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर बनाया गया है। डॉ महिपाल सिंह राठौड़ को असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर और भगवान सिंह को सीनियर स्केल दी गई है।
विवादों में सीएएस पदोन्नति
सीएएस के एक्सपर्ट पैनल पर 31 में से 21 विभागों ने आपत्ति दर्ज की थी। इस आपत्ति का निस्तारण कुलपति के स्तर पर ही कर लिया गया था, जबकि नियमानुसार पैनल को फिर से एकेडमिक काउंसिल व सिण्डीकेट की मंजूरी मिलनी थी। सिंडीकेट बैठक भी आनन-फाइन में बुलाई गई। पदोन्नति में पेच देखकर स्क्रूटनिंग कमेटी के कई सदस्यों ने भी विरोध जताया था।
सिण्डीकेट में एजेंडा नहीं बनता राज्यपाल का पत्र
गौरतलब है कि जून 2018 में तत्कालीन राज्यपाल व कुलाधिपति कल्याण सिंह ने विवि प्रशासन को पत्र भेजकर शिक्षक भर्ती 2012-13 में चयनित अयोग्य शिक्षकों के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे, लेकिन विवि जानबूझकर सिंडीकेट बैठक का एजेंडा ही सीमित रखता है और इस पत्र को पेंडिंग में रख रखा है। रविवार को पदोन्नत हुए सभी शिक्षक वर्ष 2012-13 में हुई शिक्षक भर्ती में चयनित है।
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