मुख्यमंत्री के गृह जिले में ही सही से जारी नहीं हो पाया आंगनवाड़ी पर पोषाहार का मेन्यू, सरकारी आदेश की निकली हवा

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ओम बडग़ूजर/जोधपुर. आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले नौनिहालों को सेहत सुधारने के लिए राज्य सरकार ने पोषाहार का नया मेन्यू जारी किया था। जिसे प्रदेश भर में शनिवार से लागू करना था लेकिन हकीकत यह है कि आधी-अधूरी तैयारियों के चलते मुख्यमंत्री के गृह जिले जोधपुर में ही सरकार के इस नए आदेश की पहले ही दिन हवा निकल गई।

अधिकतर केन्द्रों पर नए मेन्यू के अनुसार बच्चों को नाश्ते में अंकुरित चने, मंूग, मोठ की जगह भुने हुए चने दिए गए तथा भोजन में जो खिचड़ी दी गई उसमें भी निर्धारित अनुपात में टमाटर, नींबू का अभाव नजर आया। जिसका मुख्य कारण केन्द्रों पर पोषाहार सप्लाई करने वाले स्वयं सहायता समूहों द्वारा पहले से ही पोषाहार के दी जा रही निर्धारित राशि में नए मेन्यू के अनुसार पोषाहार देने में समर्थता जताना एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समय पर विभाग के अधिकारियों द्वारा जानकारी नहीं देना सामने आया।


आंगनबाड़ी केन्द्रों पर तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक आहार देकर उनकी सेहत सुधारने की मंशा से राज्य सरकार ने केन्द्रों पर आने वाले बच्चों के लिए नाश्ते व भोजन का नया मेन्यू जारी किया था। जिसके तहत शनिवार को केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को नाश्ते में 50 ग्राम अंकुरित मंूग, मोठ, चना या मंूगफली व गरम भोजन में 105 ग्राम खिचड़ी आंवला की चटनी या नींबू के साथ देनी थी।

पत्रिका टीम ने देखे हाल, कहीं नहीं मिला मेन्यू अनुसार पोषाहार
1. बलदेव नगर स्थित केन्द्र संख्या 435 में नाश्ते में अंकुरित मूंग, मोठ, चना नहीं मिला। पूछने पर बताया कि समय पर सूचना नहीं दी गई अंकुरित करने के लिए दो दिन पहले मूंग, चना भिगोने पड़ते हैं।

2. यहां से पत्रिका टीम चौपासनी हाउसिंग बोर्ड केन्द्र संख्या 432 पहुंची तो वहां 15-17 बच्चे मिले। यहां भी मेन्यू के अनुसार बच्चों को नाश्ते में अंकुरित चना, मूंग, मोठ नहीं दिया गया।

3. यहां से कुछ आगे केन्द्र संख्या 404 नट बस्ती पहुंचे तो एक दुकान में आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित मिला जहां करीब 20-22 बच्चे व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका मिली। यहां भी नाश्ते में बच्चों को अंकुरित अनाज नहीं दिया गया। 20 बच्चों के लिए बनाई गई खिचड़ी में डालने के लिए महज एक टमाटर व एक नींबू इनके पास था। पत्रिका टीम पहुंची तो बाद में कार्यकर्ता निकट ही दुकान पर जाकर ओर टमाटर लेकर आई।

4. राजीव गांधी कॉलोनी देव नगर स्थित केन्द्र एक बजे बंद मिला। भट्टी की बावड़ी स्थित केन्द्र संख्या 414 व्यवस्थित मिला। एक बजकर 20 मिनट पर नहीं बच्चों की छुट्टी कर दी गई। पत्रिका टीम पहुंची तो बच्चों को वापस केन्द्र में बिठाया गया। यहां भी मेन्यू के अनुसार बच्चों को नाश्ते में अंकुरित अनाज नहीं दिया गया। यहां कार्यरत कार्यकर्ता ने समय पर सूचना नहीं मिलना कारण बताया। शहर के अधिकतर केन्द्रों में स्थिति ऐसी रही जहां निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को नाश्ते में अंकुरित अनाज नहीं दिया जा सका।

खुद की जेब से खरीदते है पोषाहार
नए मेन्यू के अनुसार बच्चों को पोषाहार देने को लेकर हमने पहले ही असमर्थता जता दी थी। इसको लेकर जिला कलक्टर व विभाग के उपनिदेशक को ज्ञापन भी सौंपा था। स्थिति यह है कि पोषाहार का भुगतान समय पर नहीं होता। खुद की जेब से रुपए खर्च कर पोषाहार लाना पड़ता है उसका भी समय पर भुगतान नहीं होता।
- प्रेमकंवर शेखावत, कार्यकर्ता केन्द्र संख्या 418 ज्योति नगर

3.5 रुपए में नए मेन्यू अनुसार नहीं दे सकते पोषाहार
नए मेन्यू में अंकुरित अनाज, फल, रोटी-सब्जी भी बनाकर देनी है लेकिन उसके लिए प्रति बच्चा पोषाहार बनाने के लिए महज साढ़े तीन रुपए ही मिल रहे। इस राशि में नए मेन्यू के अनुसार पोषाहार सप्लाई करना हमारे लिए संभव नहीं। राशि बढ़ाने के लिए ज्ञापन भी सौंपा था।
- दोपद्री, न्यू गणेश स्वयं सहायता समूह, संचालक

व्यवस्था करेंगे दुरुस्त
नए मेन्यू के अनुसार सभी केन्द्रों पर पोषाहार देने के लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व स्वयं सहायता समूहों को पहले ही अवगत करवा दिया था। जिले से आज इसका विधिवत शुरुआत भी की गई। जिन केन्द्रों पर पोषाहार मेन्यू के अनुसार नहीं दिया जा रहा इसकी जांच करवा कर व्यवस्था दुरुस्त करवाएंगे। बकाया पोषाहार राशि के लिए भी मुख्यालय को लिख रखा है।
- दलवीरसिंह ढढ्ढ़ा, उपनिदेशक, समेकित बाल विकास विभाग सेवाएं, जोधपुर



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