ऑटो रिक्शा में बैग भूले पर्यटक, पुलिस ने दो घंटे में ढूंढकर लौटाया

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जोधपुर.
मुम्बई से घूमने के लिए जोधपुर आए पर्यटक ऑटो रिक्शा में एक बैग भूल गए। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से दो घंटे में ऑटो रिक्शा को ढूंढ निकाला और ऑटो रिक्शा चालक ने बैग पर्यटक को सुपुर्द किया। पर्यटक ने मुम्बई लौटकर जोधपुर पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर कार्यशैली व तत्परता के लिए आभार जताया। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्रसिंह का कहना है कि पुलिसकर्मियों को रिवॉर्ड व ऑटो रिक्शा चालक को प्रशंसा पत्र दिया जाएगा।

मुम्बई (पश्चिम) निवासी वैल्यूअर दिलीप एम राजाध्याक्ष एक फरवरी को पत्नी के साथ घूमने के लिए जोधपुर आए थे। पत्नी की मित्र भी अपने पति संग उनके साथ थी। दो फरवरी को उम्मेद भवन पैलेस से चारों पर्यटक ऑटो रिक्शा से घंटाघर पहुंचे थे। दिलीप ने अपना बैग ऑटो में पीछे की तरफ डिक्की में रख दिया था। ऑटो छोडऩे के कुछ देर बाद पर्यटक को बैग भूलने का पता लगा, लेकिन तब तक ऑटो निकल चुका था। चारों ने ऑटो की तलाश के प्रयास किए, लेकिन पता नहीं लगा। बैग में न सिर्फ रुपए बल्कि क्रेडिट कार्ड, कैमरा, ट्रेन के टिकट, पेन कार्ड और अन्य परिचय पत्र होने से पर्यटक संकट में फंस गए।
वो तुरंत घंटाघर स्थित पुलिस चौकी में गए और मामले की जानकारी दी। वहां से उन्हें पुराने हाईकोर्ट परिसर के पास पुलिस कन्ट्रोल भेजा गया। चौकी में पुलिस ने यह आश्वस्त भी किया कि पूरा जोधपुर सीसीटीवी सर्विलांस यानि कैमरों की निगरानी में है व ऑटो का पता लगा लिया जाएगा।

पुलिस कन्ट्रोल रूम पहुंचने पर पर्यटक को सलाह दी गई कि उम्मेद भवन पैलेस रातानाडा थाने के अधीन आता है। एेसे में रातानाडा थाने जाकर सीसीटीवी फुटेज चेक करने की अनुमति पत्र लेकर आएं। पर्यटक थाने पहुंचे, जहां ड्यूटी अधिकारी ने तुरंत पुलिस कन्ट्रोल रूम प्रभारी के नाम सीसीटीवी कैमरे जांचने का पत्र लिखकर दिया। साथ ही पुलिस के एक जवान को पर्यटक के साथ मोटरसाइकिल पर पुलिस कन्ट्रोल रूम भेजा, जहां लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से तलाश शुरू की गई। उम्मेद भवन पैलेस रोड से घंटाघर तक और वहां से तीसरी नजर ने ऑटो को ढूंढना शुरू किया।
आखिरकार कैमरों ने ऑटो ढूंढ निकाला। जो रमेश कुमार हेमावत का निकला। उसके पंजीयन नम्बर से मिलने पर पुलिस ने आस-पास के ऑटो चालकों की मदद से चालक रमेश से सम्पर्क किया। पुलिस के साथ पर्यटक रातानाडा थाने लौटा। पंद्रह मिनट में ऑटो चालक रमेश भी वहां आया व पर्यटक को सकुशल बैग सुपुर्द किया। उसमें रुपए, कैमरा व अन्य दस्तावेज सुरक्षित थे।

दो घंटे में बैग मिलने पर राहत की सांस
पर्यटक दिलीप का कहना है कि बैग में रुपए ही नहीं सभी दस्तावेज भी थे। जिन्हें खोने से वह परेशान हो गया था, लेकिन पुलिस ने तत्परता से उसकी मदद की और दो घंटे के भीतर बैग दिलाया। मुम्बई लौटने के बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।



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