डिगाड़ी क्षेत्र में सेना की फायरिंग रेंज में बना है मंदिर, मिलट्री स्टेशन ने अतिक्रमण मुक्त करने के निकाले आदेश

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गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. डिगाड़ी स्थित खसरा संख्या-63 रक्षा मंत्रालय की जमीन है, जहां पहले शॉर्ट गन फायरिंग रेंज हुआ करती थी। नगर निगम की ओर से दो महीने पहले मोटे तौर पर किए गए सीमांकन में यह बात सामने आई। साथ ही यह बात भी सामने आई कि खसरा संख्या-63 में से ही जोधपुर से डिगाड़ी गांव को जोडऩे के लिए एक सडक़ निकालकर इस खसरे को दो हिस्सों में बांट दिया गया, जिसके कारण अतिक्रमियों की नजर इस पर पड़ी।

सेना ने अब वहां स्थापित मंदिर व अन्य निर्माण कार्य को हटाकर अपनी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए निगम को पत्र लिखा है। रविवार को कुछ क्षेत्रवासी बल्लियां व ट्रेक्टर लेने पहुंचे थे, लेकिन उनके पास कोई कागज नहीं होने से सेना ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। उधर जोधपुर मिलिट्री स्टेशन ने अलग से आदेश निकालकर पश्चिमी राजस्थान में स्थित रक्षा मंत्रालय की समस्त भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद रक्षा सम्पदा कार्यालय ऐसे भूमि को चिह्नित कर वहां सेना पुलिस के माध्यम से तारबंदी करवा रहा है।

डिगाड़ी स्थित खसरा संख्या-63 पर करीब आठ महीने पहले एक मूर्ति रखी गई। इसके पास तेजाजी का मंदिर नामक बोर्ड भी लगाया गया। दो महीने बाद यहां चारदीवारी बनानी शुरू कर दी गई। सेना को पता चलने पर वहां अपनी क्विक रेस्पोंस टीम (क्यूआरटी) भेजकर कब्जा कर लिया। पिछले करीब पांच महीने वहां अब क्यूआरटी के जवान 24 घण्टे पहरा दे रहे हैं।

नई सडक़ बंद होगी, पुराने मार्ग से होगी आवाजाही
सेना की खसरा संख्या-63 और निजी खातेदार की खसरा संख्या-148 के मध्य पुरानी सडक़ है जो जोधपुर और डिगाड़ी को जोड़ती है। यह चंद्राकार सडक़ है। कुछ साल पहले इस सडक़ को छोडकऱ खसरा संख्या-63 के अंदर से ही सीधी सडक़ निकाल दी गई जो अब मुख्य सडक़ हो गई। सैन्य सूत्रों के मुताबिक सेना अब इस सडक़ को बंद करेगी और इसके दूसरी तरफ तारबंदी कर दी जाएगी। इसके बाद दूसरा पुराना मार्ग अपने आप खुल जाएगा।

पेट्रोल पंप खोलने की थी योजना
सैन्य सूत्रों के मुताबिक खसरा संख्या-63 में अतिक्रमण करके यहां पेट्रोल पंप खोलने की योजना थी। इसके लिए सेना व इंडियन ऑयल के मध्य पत्राचार भी हुआ। सेना द्वारा एनवक्त पर इस जमीन पर अपने जवान खड़े कर देने से अतिक्रमियों के न केवल हौंसले पस्त हो गए वरन् पेट्रोल पंप का आवंटन भी निरस्त हो गया।

ट्रेक्टर व बल्लियां लेने आए, सेना ने मांगे कागज
सेना द्वारा अतिक्रमण को ध्वस्त करने की आहट मिलते ही रविवार सुबह स्थानीय लोग अवैध निर्माण कार्य में लगी अपनी बल्लियां और वहां खड़े ट्रेक्टर को लेने पहुंचे। जवानों ने उन्हें रोक लिया और कागज मांगे। इसके बाद लोग विरोध प्रदर्शन करते हुए डिगाड़ी पुलिस चौकी गए। वहां भी मामला नहीं बनता देख आखिर वे शांत हो गए।



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