'सखी' से जुडकऱ सुलझाएं घरेलू हिंसा व शादी के बाद लव अफेयर के मामले, 1 साल में 46 केस का निस्तारण

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जोधपुर. पति-पत्नी में अनबन, घरेलू हिंसा हो या मामला शादी के बाद प्रेम प्रसंग का। सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान में मददगार साबित हो रहा है। यहां महिलाएं समस्या लेकर तो आती हैं, लेकिन समाधान के बाद खुशी-खुशी घर जाती है। यही कारण हैं कि जोधपुर का सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं की मदद के मामले में अन्य जिलों से आगे चल रहा है। पिछले करीब एक वर्ष में यहां 46 केस आए जिनमें से सभी का निस्तारण कर उन्होंने कई घर टूटने से बचाने का काम किया।

दरअसल, हिंसा से पीडि़त महिलाओं व बालिकाओं को एक ही छत के नीचे अस्थायी आश्रय देने के साथ ही पुलिस, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए जोधपुर के पांच बत्ती चौराहा रातानाडा क्षेत्र में 26 जनवरी 2019 को सखी वन स्टॉप सेंटर खोला गया था। इसका संचालन महिला अधिकारिता विभाग के माध्यम से किया जा रहा है। केन्द्र शुरू होने से लेकर जनवरी 2020 तक यहां 46 केस आए। केन्द्र प्रबंधक व केस वर्कर ने आपसी समझाइश से सभी केसों का निस्तारण कर कईयों के घर टूटने से बचाए।

केस एक - घर वाले जबरदस्ती शादी कर रहे थे, तो मांगी मदद
जोधपुर शहर में एमपी की 24 वर्षीय एक युवती इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी। वह आगे पढ़ाई करना चाहती थी लेकिन घरवाले उसकी जबरदस्ती शादी करवाना चाह रहे थे। अपने दोस्तों से जानकारी मिलने पर वह सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंची तथा पीड़ा बताई। लडक़ी के परिजनों को सेंटर बुलाया गया। उन्हें लडक़ी की भावनाओं से खिलवाड़ न करने एवं जबरदस्ती उसकी शादी नहीं करवाने के लिए पाबंद कर आपसी समझाइश से मामला सुलझाया।

केस दो - शादी के बाद लव अफेयर, समझाइश से सुलझाया मामला
शादी के सात-आठ वर्ष बाद दूसरे युवक से पत्नी का लव अफेयर होने का मामला सामने आया तो पति तलाक की मांग करने लगा। मामला सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंचा। दोनों से यहां समझाइश की गई। पत्नी ने पति पर आरोप लगाया कि काम-काज के सिलसिले में पति ज्यादातर समय बाहर रहते हैं, उसका ख्याल नहीं रखते इसलिए वह बहक गई। पति ने भी सफाई देते हुए कहा कि काम-काज ऐसा है कि मुझे ज्यादातर समय टूर पर रहना पड़ता है। जिस पर उन्हें छोटे बेटे के भविष्य की खातिर साथ रहने की समझाइश की गई। पत्नी ने अपनी गलती मान ली ओर भविष्य में ऐसी गलती नहीं करने की बात कही तो दोनों के दाम्पत्य जीवन में आई दरार भर गई ओर उनका घर टूटने से बच गया।

केस तीन - पत्नी होने की पहचान दी तो छोड़ा घर
शादीशुदा होने के बाद भी झूठ बोलकर दूसरा निकाह किया। शादी के पांच-छह वर्ष बाद भी सामाजिक कार्यक्रमों में न ले जाना एवं परिजनों से पत्नी के रूप में पहचान नहीं करवाने से नाराज एक विवाहिता सखी वन स्टॉप सेंटर पहुंची तथा अपनी शिकायत दर्ज कराई। सप्ताह भर तक दोनों से समझाइश की तो पति को अपनी गलती का अहसास हुआ। तो दोनों राजी खुशी गले मिल घर को लौटे।

अधिकतर केस घरेलू हिंसा, लव अफेयर के
पिछले एक वर्ष में सेंटर पर 46 केस आए। इनमें अधिकतर घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ व शादी के बाद लव अफेसर के है। घरेलू हिंसा के 16, शादी के बाद लव अफेसर के चार, सेक्सुल हरेसमेंट के पांच, प्रोपर्टी के एक, रेप के दो, चाइल्ड लाइन के तीन, लव मेरीज के चार, मिसिंग व अपहरण के आठ केस थे। आपसी समझाइश से सभी का समाधान किया गया।
- डॉ. किरण शर्मा, प्रबंधक, सखी वन स्टॉप सेंटर, जोधपुर



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