मुख्यमंत्री गहलोत ने किया रामस्नेही संत मोहनदास मार्ग का लोकार्पण

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जोधपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को विरक्त रामस्नेही संतों की तपोभूमि सूरसागर बड़ा रामद्वारा के ब्रह्मलीन महंत संत मोहनदास के तृतीय पुण्यदिवस पर सूरसागर रॉयल्टी चौराहा से बड़ा रामद्वारा तक के मार्ग और रामद्वारा में हुए विभिन्न विकास और जीर्णोद्धार कार्यों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने रामद्वारा परिसर में देवल में पूजन के बाद ब्रह्मलीन संतों के स्मारक स्थल पर शीश नवाया और कहा कि संत दादूपंथी, कबीरपंथी या कोई भी सम्प्रदाय के धर्मगुरु हो, सदैव समाज के सभी वर्ग के लोगों को सद्प्रेरणा देते हैं। संतों के नाम पर मार्ग की पट्टिका देखने पर सदैव संतों की वाणी और उनके बताए सद्मार्ग का स्मरण होगा। मुख्यमंत्री ने कहा पहला सुख स्वास्थ्य है और हम चाहते हैं प्रदेशवासी स्वस्थ रहें। इसके लिए राज्य सरकार विभिन्न रोगों के इलाज के लिए नि:शुल्क दवाइयां और जांच की सुविधाएं तथा ‘निरोगी राजस्थान’ अभियान चला रही है। आमजन हो या पशुधन, सभी के स्वास्थ्य के लिए सरकार कृत संकल्प है। लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बड़ा रामद्वारा ट्रस्ट को मुख्यमंत्री सहायता कोष से पांच लाख रुपए देने की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और घूंघट प्रथा समाप्त करने की आवश्यकता बताई। सूरसागर रामद्वारा के गादीपति महंत संत रामप्रसाद ने लोकार्पण समारोह में सभी रामस्नेही संतों की ओर से मुख्यमंत्री का साफा पहनाकर व स्मृति चिह्न प्रदान कर स्वागत किया। समारोह के दौरान रामद्वारा के जीर्णोद्धार में सहयोगी भामाशाह ओमप्रकाश जोशी, सत्यप्रकाश जोशी, जयसिंह, ओमप्रकाश सोनी को साफा व विद्या जोशी, इंदू पंवार का शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया। समारोह में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल,जेडीए के पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र सोलंकी, पूर्व पाली सांसद बद्रीराम जाखड़, बिलाड़ा विधायक हीराराम मेघवाल, पूर्व राजसिको अध्यक्ष सुनिल परिहार, पूर्व महापौर ओमकुमारी गहलोत व अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

महिलाओं के घूंघट में नहीं होने पर जाहिर की प्रसन्नता
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोकार्पण समारोह में उपस्थित महिलाओं के घूंघट में नहीं होने पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि यहां बैठी किसी भी महिला ने घूंघट नहीं रखा है। यह राज्य सरकार के ‘घूंघट हटाओ’ अभियान का परिचायक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। आज जब मनुष्य चंद्रमा पर पहुंच गया है, महिलाओं को घूंघट प्रथा से मुक्त रहना चाहिए।



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