अमित दवे/जोधपुर. रेल मंत्रालय की ओर से पिछले दिनों परिवर्तन संगोष्ठी में लिए गए निर्णय के विरोध में रेलवे कर्मचारी संगठनों द्वारा जनवरी के प्रथम सप्ताह में मनाए जाने वाले विरोध सप्ताह को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने सख्ती करनी शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर (एचआर) आरके सिन्हा ने सभी जोनल रेलवे को आदेश जारी कर कहा है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जो कर्मचारी रेल संचालन में बाधा पहुंचाए, उन कर्मचारियों से सख्ती से निपटा जाए। गौरतलब है कि परिवर्तन संगोष्ठी में किए गए निर्णय के बाद रेलवे की नेशनल फैडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मैन्स (एनएफआइआर) व ऑल इंडिया रेलवे मैन्स फैडरेशन (एआइआरएफ) ने गत सप्ताह ज्वाइंट कंसलटेटिव मशीनरी (जेसीएम) की संयुक्त बैठक का बहिष्कार किया था। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने यह आदेश जारी किया है।
संगठनों के आंदोलन आज से
रेलकर्मी संगठनों की ओर से रेलवे में निजीकरण व निगमीकरण के विरोध में 2 से 8 जनवरी तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा। इसमें धरना, प्रदर्शन, रैली व संगोष्ठी आदि गतिविधियां शामिल होंगी। एआइआरएफ द्वारा 2 से 7 जनवरी तक विरोध सप्ताह व एनएफआइआर द्वारा 8 जनवरी को प्रदर्शन किया जाएगा। रेलवे की ओर से विरोध सप्ताह को देखते हुए अवकाश लेने वाले कर्मचारियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ रेलवे सेवा आचरण के तहत कार्रवाई की जाएगी।
हल्ला बोल कार्यक्रम आज से
रेलवे में निजीकरण व निगमीकरण का विरोध जारी रहेगा। हमारा संगठन एआइआरएफ से जुड़ा है। संगठन की ओर से गुरुवार से विरोध सप्ताह के हल्ला बोल कार्यक्रम होगा।
-मनोजकुमार परिहार, मण्डल सचिव, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉयज यूनियन जोधपुर
हमारा संघ एनएफआइआर से संबंद्ध है। राष्ट्रीय संगठन के निर्देशानुसार निजीकरण व निगमीकरण के खिलाफ 8 जनवरी को प्रदर्शन व मीटिंग की जाएगी।
- अजय शर्मा, मण्डल सचिव, उत्तर पश्चिम रेलवे मजदूर संघ जोधपुर
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