जोधपुर.
टिड्डियों ने कई खेत बर्बाद कर दिए। किसान अपनी पीड़ा कभी कांग्रेस के नेताओं को बताता है तो कभी भाजपा नेताओं को।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत शनिवार सुबह टिड्डी से हुए खराबे का जायजा लेने लूणी विधानसभा क्षेत्र के सालावास गांव पहुंचे। खेत में खड़े किसानों ने शेखावात को बताया कि टिड्डी दल ने चंद मिनट में रायड़ा, सरसों, गेहूं, इसबगोल और जीरे की फसल नष्ट कर दी। अभी तक सरकार से कोई सहायता नहीं मिली है। यहां से शेखावत भाचरना गए और नुकसान का अवलोकन किया।
शेखावत ने कहा कि पश्चिम राजस्थान के जैसेलमेर, सिरोही, जालौर, पाली, बाड़मेर, जोधपुर में टिड्डी ने नुकसान किया है। आपदा राहत के लिए केंद्र सरकार राज्यों को फंड देती है। स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फंड में 75 प्रतिशत भाग केंद्र का और 25 प्रतिशत राज्य का रहता है। हर साल केंद्र सरकार इस फंड में टॉपअप देती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार के पास 1250 करोड़ रुपए इस फंड में हमेशा उपलब्ध रहते हैं। उनके साथ पूर्व विधायक जोगाराम पटेल, पूर्व प्रधान शैलाराम सारण, महेंद्र मेघवाल, अचल सिंह मेड़तिया, संपतराज गहलोत, जगदीश चंद्र खन्ना मौजूद रहे।
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नायब तहसीलदार को लगाई फटकार
शेखावत दोपहर बाद पोकरण पहुंचे और यहां प्रभावित भैंसड़ा, राजगढ़ ओला गांवों का दौरा किया। पोकरण के भैंसड़ा में एक 75 बीघा खेत में जीरे की फसल को साफ कर दिया। गिरदावरी के बारे में पोकरण के नायब तहसीलदार ओमप्रकाश मीणा से पूछा तो कहा कि रिपोर्ट बना कर भेज दी है। बाद में शेखावत ने जैसलमेर कलक्टर से इस संबंध में जानकारी मांगी तो कलक्टर ने फोन पर कहा कि कोई सूचना नहीं है। इस पर दोबारा नायब तहसीलदार से पूछा गया तो बोले कि रिपोर्ट अब भेजूंगा। इस पर उनको फटकार लगाई व दो दिन में रिपोर्ट तैयार भेजने को कहा।
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