गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. बॉर्डर के उस पार पाकिस्तान में सूखे के कारण वहां अंडों से निकली टिड्डी ने भारत का रुख कर लिया। पाकिस्तान में पेस्टिसाइड छिडक़ाव नहीं किए जाने से वयस्क टिड्डी के करीब आधा दर्जन दलों ने दिसंबर के दूसरे सप्ताह में भारत पर हमला किया। जानकारों के अनुसार एक साथ आई करीब 10 करोड़ टिड्डी नी गुजरात और राजस्थान के कई क्षेत्रों में फसल बर्बाद कर दी। गुजरात में टिड्डी पर काबू पा लिया गया है। राजस्थान के जैसलमेर-जालौर में प्रयास जारी है। टिड्डी उदयपुर की कोटडा तहसील तक पहुंच चुकी है। जोधपुर स्थित टिड्डी चेतावनी संगठन के अनुसार इस सप्ताह टिड्डी पर पूरी तरह काबू पा लिया जाएगा।
ग्रेगेरियस फेज कारण अधिक हमलावर
वयस्क टिड्डी ग्रेगेरियस फेस में है जो अधिक खाती है। इसी के कारण गुजरात और राजस्थान में फसल नष्ट हुई। यह मौसम के अनुसार खुद को बदल भी रही है लेकिन सर्दी अधिक होने से अब अंडे नहीं देगी।
पाकिस्तान-ईरान बॉर्डर पर विंटर ब्रीडिंग
डेजर्ट लोकस्ट यानी रेगिस्तानी टिड्डी की विंटर ब्रीडिंग स्वेज नहर के दोनों और अफ्रीकी देशों में होती है। वर्तमान में इथोपिया और आस-पास के देशों में टिड्डी ने बड़ी संख्या में अंडे दिए हैं। पाकिस्तान के ईरान के साथ लगते बॉर्डर पर भी टिड्डी ने अंडे देकर फिर से चुनौती पेश कर दी है। भारत में स्प्रिंग का मौसम आने के बाद मई 2020 में फिर से नए टिड्डी दलों के हमले की आशंका है।
टिड्डी प्रभावित किसानों की मदद करेगी केंद्र सरकार
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि टिड्डि हमले से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार करेगी। केंद्र सरकार ऐसे किसानों की हर संभव मदद कर रही है। केंद्र के संबंधित विभाग के अधिकारी टिड्डी प्रभावित क्षेत्र में कैंप किए हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को भी अपनी जिम्मेदारी की समीक्षा कर केंद्र सरकार के साथ तालमेल कर समस्या का समाधान करना चाहिए।
इस सप्ताह काबू कर लेंगे
पाकिस्तान में टिड्डी के अंडे वयस्क में बदल गए और भारत की तरफ आ गए। इसी कारण यहां फसलों को नुकसान हुआ। इस सप्ताह टिड्डी को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया जाएगा।
डॉ केएल गुर्जर, उप निदेशक, टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर
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