जोधपुर के इस इलाके में हर आधा किलोमीटर में हैं 4 स्कूल, बच्चे पांच सौ और स्टाफ 79

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. माध्यमिक सेटअप की सरकारी स्कूलों में भी लक्ष्य के अनुरूप विद्यार्थियों का नामांकन नहीं बढ़ रहा। शहर की बात करें तो एक इलाके में आधे किलोमीटर के दायरे में सीनियर सैकंडरी स्तर की चार स्कूलों में मात्र 521 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ये स्कूलें कई दशकों से चल रही हैं। विभाग ने स्कूलें मर्ज करते वक्त ध्यान ही नहीं दिया। ये स्कूल समय के साथ क्रमोन्नत होती रही। लेकिन विभाग इन्हें पुरानी व्यवस्था के तहत चला रहा है।

बिल्डिंगों का अनावश्यक उपयोग, नामांकन भी अच्छा नहीं
राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय ह्यूसन मंडी में 23 का स्टाफ हैं। कक्षा 9 से 12वीं तक चलने वाली स्कूल में 100 बालिकाएं अध्ययनरत हैं। इसके आगे पांच कदम की दूरी पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मंडी स्कूल कक्षा 6 से 12 तक संचालित हैं। यहां 18 का स्टाफ और 121 बच्चे पढ़ रहे हैं। इसके आगे थोड़ा नीचे उतरते ही नवक्रमोन्नत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोतवाली स्कूल कक्षा 1 से 11 तक संचालित है।

यहां भी सौ बच्चों पर 16 का स्टाफ लगा है। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक फतेहपोल स्कूल में 22 का स्टाफ और करीब दो सौ विद्यार्थी हैं। ये चारों स्कूल आधे किलोमीटर के दायरे में हैं, जबकि सरकारी बिल्डिंगों का भी अनावश्यक दुरुपयोग हो रहा है। फतेहपोल व दोनों मंडी स्कूल शहर विधानसभा क्षेत्र और कोतवाली सूरसागर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है।

शहर की स्कूलों में नामांकन भी कम
शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकांश शिक्षक शहर में रहते है। ऐसे में सभी की प्राथमिकता रहती है कि वे घर के नजदीक की स्कूल में कार्यरत रहे। ऐसे में ग्रामीण की तुलना में शहर की स्कूलों में बच्चे भी कम है और निजी स्कूलों में बच्चे ज्यादा अध्ययनरत हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों का विकल्प नहीं होने के कारण बच्चों का नामांकन भी ज्यादा रहता है।

इनका कहना
उस समय तत्कालीन परिस्थितियों अनुसार विद्यालय खुले और क्रमोन्नत हुए। इनका विकास भी हुआ है। अब छात्रों की संख्या कम है तो सरकार के दिशा-निर्देशानुसार कार्य होंगे।
- प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, जोधपुर मंडल

शहर में कुछ स्कूलों के अलावा शेष जगह इतना नामांकन नहीं है। कई जगहों पर मर्ज करने जैसी जगह नहीं है। जनप्रतिनिधियों की मांग अनुसार आगे पॉलिसी बननी चाहिए।
- प्रहलाद राम गोयल, सीबीईओ शहर, शिक्षा विभाग



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2FDY9Mt
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment