जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के नए कुलपति ने गोरखपुर विवि में न केवल चार करोड़ का घपला पकड़ा बल्कि 11 वर्ष से कार्य कर रहे 140 लेक्चरर्स को भी घर का रास्ता दिखा दिया। अब दिक्कत यह है कि जिस विवि में उनकी नियुक्ति हुई है, वहां हुए शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच समिति में भी ये सदस्य हैं, हालांकि अब वे जांच कमेटी में नहीं रहेंगे। बता दें कि नए कुलपति डॉ प्रवीणचंद्र त्रिवेदी मूलत: बांसवाड़ा शहर के नागरवाड़ा मोहल्ले के निवासी है, फिलहाल जयपुर में रहते हैं। प्रोफेसर त्रिवेदी ने कहा कि विवि की बिगड़ी आर्थिक व्यवस्था को पटरी पर लाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्र, शिक्षक व कर्मचारी की समस्याओं का निस्तारण प्रमुखता से करेंगे। डिजिटलाइजेशन करने के साथ परीक्षाओं को समय पर आयोजित कर उनके परिणाम को समय पर जारी करना अन्य प्रमुख प्राथमिकताएं रहेगी।
गोरखपुर विवि में रह चुके हैं कुलपति
प्रो त्रिवेदी गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति भी रह चुके है। प्रो त्रिवेदी गोरखपुर विवि में आवेदन भरने, पारदर्शिता लाने सहित अन्य औपचारिकताओं के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की।
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देश के बेस्ट साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित
जेएनवीयू के नए कुलपति प्रो प्रवीणचंद्र त्रिवेदी 170 पुस्तकें लिख चुके हैं। इसके अलावा उच्च स्तरीय पत्रिकाओं में 350 से अधिक शोध प्रकाशित हो चुके है। उन्होंने 40 साल तक राजस्थान विवि वनस्पति शास्त्र विभाग में प्रोफेसर विभागाध्यक्ष समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्ष 2014 में इंडियन साइंस कांग्रेस की ओर से देश के बेस्ट साइंटिस्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया ।
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