Rahat Indori ने कहा कि हमारे मुल्क में नफरत कभी पल नहीं सकती

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एम आई जाहिर/ जोधपुर.विश्वप्रसिद्ध शाइर और फिल्मी गीतकार ( film lyricist ) राहत इंदौरी ( rahat indori ) ने कहा कि हमारे मुल्क में नफरत कभी पल नहीं सकती। नफरतों की उम्र कुछ पल हो सकती है। हिंदुस्तान में नफरतों की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने पत्रिका ( patrika news patrika news ) से मुलाकात ( interview ) के दौरान देश के हालात पर यह बात कही। वे इटावा में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद आठ घंटे लेट आई हावड़ा एक्सप्रेस से जोधपुर पहुंचे थे। राहत एक कवि सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए जोधपुर पहुंचे।

हमारा हिंदुस्तान मोहब्बतों वाला हिंदुस्तान
उन्होंने कहा कि नफरतें कुछ लोग ले कर आ जाएं तो उसकी उम्र कम ही है। हमारे बुजुर्गों ने जिस हिंदुस्तान के ख्वाब देखे थे, यह हिंदुस्तान वह नहीं है। हमारा हिंदुस्तान मोहब्बतों और अपनाने वाला हिंदुस्तान है। राहत ने कहा कि शाइरी व शेर का ताल्लुक शऊर से है। शऊर ही शेर है और शऊर ही शाइरी है। वरना वह प्रोज यानी गद्य रह जाता है और पद्य नहीं बन पाता। जो लोग यह कहते हैं कि मुल्क में उर्दू का भविष्य रोशन नहीं है, इसकी बदहाली के लिए उर्दू वाले ही जिम्मेदार हैं, क्यों कि उर्दू वालों के बच्चे कॉन्वेंट में पढ़ते हैं। इसलिए उर्दू वाले अपनी जिम्मेदारी खुद समझें। गौरतलब है कि राहत इंदौरी की 4 तारीख को बायोग्राफी लॉन्च हुई है। उनकी अब तक हिन्दी और उर्दू में आठ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।

राहत इंदौरी ने पत्रिका के पाठकों के लिए सुनाए कुछ ताजा शेर :

पानी बहता है सर के ऊपर से
क्या शिकायत करें समंदर से

घर की खिडक़ी का कुछ इलाज नहीं
हर कोई झांकता है बाहर से

आज इतनी जमीं है कब्जे में
ये पता कीजिए सिकंदर से

रोशनी में कदम नहीं रखता
मेरी परछाई में तेरे डर से

हूं परीशां कि एक नई आवाज
आज आई है तो नंबर से
..

जोधपुर खूबसूरत शहर
उन्होंने कहा कि जोधपुर आते-आते 30 बरस हो गए। बरसों पहले यहां स्टेडियम में आयोजित मुशायरे में शिरकत करने के लिए जोधपुर आया था। उस मुशायरे में खुमार बाराबंकी, शमीम जयपुरी और एम ए गफ्फार राज वगैरह कई शाइरों ने शिरकत की थी। उसके बाद कभी आईआईटी, कभी अनुबंध वृद्धजन कुटीर तो कभी किसी कार्यक्रम में जोधपुर आता ही रहा हूं। यह बहुत ही खूबसूरत शहर है। यहां के श्रोता बहुत समझदार हैं और साहित्य की समझ रखते हैं।



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