अविनाश केवलिया/जोधपुर. अगर आपने घर या दुकान के बिजली मीटर में गड़बड़ी कर रखी है तो सावधान। अब बिजली चोरी पकडऩे के लिए किसी शिकायत या विजिलेंस टीम की जरूरत नहीं है। मीटर रीडर ही ए-30 रिपोर्ट स्टेटस डाल देगा। इस प्रक्रिया की आपको जानकारी भी नहीं होगी और कुछ दिन में जांच टीम आपके घर आ जाएगी।
गत छह माह में ऐसी 10 हजार से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ए-30 स्टेटस रिपोर्ट गड़बड़ी का संकेत है। मीटर रीडर को घर या दुकान की रीडिंग लेते समय मीटर में किसी छेड़छाड़ का संदेह होते ही उपभोक्ता के नाम के आगे ए-30 स्टेटस रिपोर्ट लिख देता है। संबंधित एइएन कार्यालय से यह जानकारी कंट्रोल रूम को भेजी जाती है। छह माह से इस प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कॉल सेंटर से की जा रही है।
विजिलेंस टीम का इंतजार नहीं
अब तक बिजली चोरी पकडऩे के लिए शिकायत और उसके बाद विजिलेंस टीम का इंतजार किया जाता था। अब डिस्कॉम के कंट्रोल-कॉल सेंटर में शिकायतें एक स्थान पर एकत्र कर विजिलेंस टीम को जांच के लिए भेजा जाता है।
निजी कंपनी की जांच में भी मिल रही चोरियां
डिस्कॉम ने निजी कंपनी वाइएमपीएल को भी जिलों में जांच के लिए लगाया है। हर माह अलग-अलग क्षेत्रों में रेंडम जांच की जाती है। तीन माह में ही डिस्कॉम के 10 जिलों में 114 बिजली चोरी पकड़ी जा चुकी है।
अब तक 361 बिजली चोरी पकड़ी
ए-30 प्रोसेस और वाइएमपीएल की 10 जिलों में तीन माह की जांच में 361 बिजली चोरी पकड़ी गई है। जबकि 8 हजार से अधिक शिकायतों का सत्यापन चल रहा है। इसमें भी काफी संख्या में बिजली चोरी का खुलासा होने की उम्मीद है।
फैक्ट फाइल
- 10285 कुल शिकायतें ए-30 स्टेटस रिपोर्ट से मिली।
- 1884 का इनमें से समाधान हो गया।
- 247 में बिजली चोरी पाई गई।
- 361 स्थानों पर निजी कंपनी की जांच में मीटर गड़बडिय़ां पाई गई।
- 114 मामलों में बिजली चोरी पाई गई।
इनका कहना है
बिजली चोरी पकडऩे के लिए कुछ नवाचार किए हैं। इनकी रिपोर्ट सीधे कॉल सेंटर को होती है। इससे कुछ ही समय में बिजली चोरी के कई मामले पकड़े हैं।
- अविनाश सिंघवी, प्रबंध निदेशक, जोधपुर डिस्कॉम
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