बालेसर पंचायत समिति : जनता ने तो चुन लिया, जिम्मेदारी आते ही ये भूल गए मुद्दे

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बालेसर. (जोधपुर) जनता ने जिन जनप्रतिनिधियों को विकास के लिए चुनकर भेजा, वे जीतकर मुद्दों से मुंह मोड़ते चले गए। पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठकों में विकास से लेकर समस्याओं पर चर्चा करनी होती है, लेकिन माननीय यहां नदारद रहे।

बालेसर पंचायत समिति में 50 प्रतिशत सदस्यों ने साधारण सभा की बैठकों में भाग ही नहीं लिया, महिला सदस्य अनुपस्थिति में आगे रहीं। समिति क्षेत्र के 19 सदस्यों में आधे से अधिक अधिकांश बैठकों में नदारद नजर आए।

अब तक हुई 15 बैठक

बालेसर पंचायत समिति की साधारण सभा की कुल 15 बैठक हुई, एक कोरम के अभाव में स्थिगित कर दी गई थी। उपस्थिति का आंकड़ा देखें तो बालेसर प्रधान बाबू सिंह इंदा, उपप्रधान मांगीलाल चौधरी एवं सदस्य अनोपाराम मेघवाल बैठकों में नजर आए। महिला सदस्य रेखा 13 बैठकों में अनुपस्थित रही। वहीं राजेंद्र सिंह इंदा 11 बैठकों में अनुपस्थित रहे।

अधिकार तो खूब है मगर

पंचायत समिति में भी पंचायत समिति सदस्यों के अधिकार एवं भूमिकाएं होती हैं। जिनमें विशेषकर पांचवें राज्य वित्त आयोग में जो बजट जारी होता है। यह बजट पंसस अनुशंसा के अनुरूप विकास कार्यों में खर्च होता है। इनके 5 साल के कार्यकाल में करीब 5 करोड़ रुपए 5 वें वित्त राज्य आयोग से खर्च हो चुके है।

कृषि विभाग , चिकित्सा विभाग, प्रारंभिक शिक्षा , महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पांच विभागों की निगरानी का जिम्मा भी है। लेकिन सदस्य जब साधारण सभा की बैठक में नहीं आते हैं और मुद्दे नहीं उठाते हैं तो उस क्षेत्र का विकास कैसे संभव होगा।


आंकड़ों की गवाही

साधारण सभा की कुल 15 बैठकें हुई।एक बैठक कोरम के अभाव में स्थगित हो गई थी। रेखा व राजेन्द्रसिंह इंदा के अलावा ओम सिंह ने 8 , तेज प्रकाश सिंह ने 4 , पप्पू कंवर ने 12 , अनेक कंवर ने 9, रुकमणी ने 9, चंद्रा ने 10 , संतोष कुमारी ने 7 एवं संतोष कंवर ने 11 बैठकों में भाग नहीं लिया। 19 में से 9 महिला पंसस हैं। जिनमें से 6 महिला सदस्यों ने आधे से अधिक बैठकों में भाग नहीं लिया।


इन्होंने कहा

पंसस महत्वपूर्ण पद है। जनता ने जिन्हें जिताकर भेजा है, उन्हें समय पर बैठकों में आना चाहिए।

बाबू सिंह इंदा, प्रधान बालेसर।


पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक में निर्वाचित सदस्यों को 50 प्रतिशत बैठकों में भाग लेना अनिवार्य होता है फिर भी कई सदस्य भाग नहीं लेते है। इन सदस्यों के ऊपर अपने वार्ड के विकास कार्यों का भी जिम्मा होता है।

-चांगदेव सोपान कामठे, विकास अधिकारी बालेसर



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