पंचायतों में बीएलओ को नहीं मिल रहे पुनरीक्षण कार्यक्रम के फॉर्म, फोटो कॉपी से चलाना पड़ रहा काम

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अरविंद सिंह राजपुरोहित/जोधपुर. यदि आप पहली बार मतदाता सूची में नाम जुड़वाने को लेकर उत्साहित हैं और बीएलओ के पास नाम जुड़वाने के लिए जा रहे हैं तो आवेदन जेब से पैसे खर्च कर लेकर आना पड़ेगा। क्योंकि जिस उत्साह के साथ आप बीएलओ के पास जा रहे हैं वह उत्साह आवेदन फॉर्म नहीं होने की बात सुनकर ठंडा पड़ सकता है। क्योंकि इन दिनों निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची में आपत्तियों के निस्तारण के लिए पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, लेकिन कई बीएलओ के पास प्र्याप्त मात्रा में आवेदन फॉर्म ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में आपत्ति दर्ज करवानी है तो फार्म घर से लेकर आना पड़ेगा। ‘पत्रिका टीम’ ने पड़ताल की। रविवार को सांगरिया पंचायत में कई जगहों पर लगे शिविर में अव्यवस्थाएं नजर आई।

नहीं हो पाया एक भी आवेदन
इस शिविर के तहत नव मतदाताओं का मतदाता सूची में नाम जोडऩे, नाम में संशोधन करने सहित विभिन्न आपत्तियों का निस्तारण किया जाना था। इसके लिए फॉर्म संख्या 6, 7 व 8 भरा जाना अनिवार्य है, लेकिन समय पर आवेदन फॉर्म नहीं मिलने के चलते पूरी पंचायत क्षेत्राधिकार में आने वाले 11 केंद्रों पर एक भी आवेदन नहीं मिल सका। बीएलओ के पास आवेदन फॉर्म ही नहीं थे।

जाटो की ढाणी स्कूल में दो बजे पहुंचे फार्म
राजकीय प्राथमिक विद्यालय जाटों की ढाणी में दो बजे तक फॉर्म संख्या 6,7 व 8 पहुंच ही नहीं पाए। इसके चलते कई लोगों को वापस लौटना पड़ा। हाल यह था कि पत्रिका टीम ने बीएलओ से फॉर्म मांगा तो नहीं होने का हवाला देते हुए बाहर से फॉर्म डाउनलोड कर जमा करवाने को कह दिया। बाद में लगभग दो बजे एक बीएलओ फॉर्म लेकर आए, लेकिन 8 नम्बर फॉर्म की संख्या महज दो ही थी। जबकि यहां चार बीएलओ कार्यरत है।

बीएलओ का आरोप, नहीं मिलते पूरे फॉर्म
सांगरिया पंचायत की बात की जाए तो यहां पर भाग संख्या 247 से 257 तक 11 बीएलओ कार्यरत हैं, लेकिन सरकारी लापरवाही के चलते उन्हें फॉर्म ही नहीं मिल पाते हैं। बीएलओ का आरोप है कि कई बार स्वयं की जेब से पैसे खर्च कर फॉर्म की फोटो कॉपी करवानी पड़ रही है। ऐसा आए दिन हो रहा है। कई बार मतदाता विरोध भी जता रहे हैं।

इनका कहना है
पंचायत समिति कार्यालय से फॉर्म दिए जाते हैं। आवेदन कम ही आते हैं। रविवार को कोई भी आवेदन 11 केंद्रों पर नहीं आया। कई जगहों पर समय पर फॉर्म नहीं पहुंच पाए। भविष्य में मतदाताओं को परेशानी नहीं हो इसका ख्याल रखा जाएगा।
- कल्याणसिंह सुपरवाइजर



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