मांगलिक कार्यों पर मळमास से लगेगा विराम, वर्ष का अंतिम सावा 12 को

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. सूर्य धनु राशि में प्रवेश के साथ ही 16 दिसम्बर को दोपहर 3.44 बजे से मळमास आरंभ हो जाएगा। एक माह तक सूर्य धनु राशि में रहने के दौरान सभी तरह के शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे। शास्त्रों के अनुसार मळमास में दान-तीर्थ स्नान व नाम जप का अनंतगुणा फल बताया गया हैं। मळमास के दौरान गृहप्रवेश, मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत, विवाह आदि सभी तरह के मांगलिक कार्य टालने का विधान बताया गया हैं।

करीब एक माह के बाद पुन: 14 जनवरी मकर संक्रांति के उपरांत ही विवाह आदि शुभ कार्यों की स्थिति बनेगी। पंडित हिमांशु द्विवेदी ने बताया कि शास्त्रीय मान्यता के अनुसार मलमास में विवाह आदि शुभ कार्य वर्जित रहते हैं। क्योंकि इस दौरान होने वाले कार्यों को सूर्य का बल नहीं मिल पाता है।

वर्ष 2019 का अंतिम सावा 12 दिसंबर को और उसके बाद वर्ष 2020 का पहला सावा 15 जनवरी को मलमास के उपरांत रहेगा । इसी तरह 15 दिसम्बर से 9 जनवरी तक गुरु का तारा भी अस्त रहने से सभी तरह के शुभ व मांगलिक कार्यों को निषेध रखने की मान्यता है। परंतु धार्मिक कार्य जप तप दान गौ सेवा कथा रामायण पाठ आदि करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

15 से चतुग्रही योग भी
सूर्यनगरी के ज्योतिषियों के अनुसार 28 से 30 नवम्बर तक धनु राशि में गुरु, शुक्र, शनि, केतु व चन्द्र पंचग्रही योग बने थे। इसके बाद पुन: 15 दिसम्बर से चतुग्रही योग बन रहे है। इससे प्राकृतिक विपदा, हिमपात, ओलावृष्टि, शीतयुद्ध, तूफान व रोग बढऩे तथा जनधन हानि की संभावना रहेगी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/38gbO9G
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment