English Literature में जोधपुर का नाम रोशन कर रही हैं दिवा मेहता

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एम आई जाहिर / जोधपुर ( jodhpur news.current news ) . इन युअर लवली गार्डन रिमैम्बर आइ टु एम देयर, ए व्हाइट लिली इन ए कॉर्नर विद फ्रैगरैन्स टु शेयर, एग्रीड आइ एम द स्मालैस्ट ऑफ युअर ब्लूमिंग फ्लॉवर्स, बट स्टिल आइ कैन सेन्ट युअर साइलेंट स्वीट अवर्स। जोधपुर शहर में हर भाषा में साहित्य सृजन ( literature news ) करने वालों की कमी नही है, लेकिन अंग्रेजी ( English Literature ) में एेसा विशु़द्ध साहित्य सृजन करने वाले बहुत कम हैं। अंग्रेजी की एक कवयित्री ( English poetess ) दिवा मेहता ( Diva Mehta ) ने अपनी खूबसूरत कविताओं से इस खामोशी को तोड़ा है। वे न केवल हिन्दी, बल्कि इंग्लिश में भी बहुत खूबसूरत कविताएं लिखती हैं। कविता ( English Poetry ) में शब्दों का चयन और ख्यालों की उड़ान सहसा ही आलोचकों का ध्यान उनकी ओर आकृष्ट करते हैं। उनका हिन्दी कविता संग्रह स्मृतियां शेष हैं और अंग्रजी कविता संग्रह ( English Poems ) चैरिश्ड ने साहित्यिक हलकों में हलचल मचा दी थी। दिवा मेहता को भारतीय दलित साहित्य अकादमी ,नई दिल्ली से वीरांगना सावित्री बा फुले सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। वही सिटीजन्स सोसाइटी फॉर एजुकेशन जोधपुर की ओर से हिन्दी कविता संग्रह स्मृतियां शेष हैं व अंग्रेजी कविता संग्रह ( English Poetry ) चैरिश्ड को सम्मिलित रूप से प्रो. प्रेमशंकर श्रीवास्तव श्रेष्ठ साहित्यिक सृजन पुरस्कार मिल चुका है। इसी तरह जय साहित्य संसद, जयपुर से ‘सुशीला तिवााड़ी साहित्य सम्मान और वीर दुर्गादास राठौड सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। बहरहाल जोधपुर में अंग्रेजी साहित्य सृजन ( Department of English ) किसी दिवा स्वप्न की तरह है और दिवा ने यह सपना साकार कर दिया है।

कविता सशक्त भावनाओं का स्फूर्त बहाव

उन्होंने एक मुलाकात में कहा, अकॉर्डिंग टु द ग्रेट पोइट वड्र्सवर्थ, पोइट्री इज ए स्पॉनटेनियस ओवरफ्लो ऑफ पॉवरफुल इमोशन्स एन कुड नॅाट एग्री मोर...कविता सशक्त भावनाओं का स्फूर्त बहाव है। उत्तर आधुनिक कविता यथार्थ के निकट, किन्तु प्राय: विषय से कतिपय भटकाव व गद्यात्मक पुट लिए होती है जिसमें कवित्व के सौंदर्य व कोमलता के अंश का अभाव होता जा रहा है।दिवा मेहता ने कहा कि जोधपुर में अंग्रेजी साहित्य के माहौल के अभाव के कारण अंगेजी संवाद व साहित्य सृजन की भी कमी रही है, किंतु शहर से लंबे समय से बाहर होने के कारण वर्तमान व भविष्य की संभावनाओं के विषय में टिप्पणी करना मेरे लिए संभव नही है।



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