जोधपुर. अदालती रोक के बाद पनप चुके बजरी माफिया पर प्रभावी नियंत्रण न होने से सरकारी जमीन से प्रतिदिन सैंकड़ों टन बजरी का दोहन हो रहा है। अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद पुलिस माफिया के खिलाफ अकेले कार्रवाई नहीं कर सकती है। उधर, पर्याप्त संसाधनों के अभाव के नाम पर खनिज विभाग ने भी चुप्पी साथ रखी है।
यही वजह है की शहर के आस-पास नदियों के किनारे सरकारी जमीन से बजरी का अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। सालोड़ी गांव में खातेदार ने बगैर खनिज विभाग की लीज के जमीन को अवैध खनन के लिए ठेके पर दे थी। यहीं से बजरी के खनन को लेकर उपजे विवाद में एक हिस्ट्रीशीटर की हत्या कर दी गई थी।
बगैर लीज के बावजूद ठेके पर दी थी जमीन
सालोड़ी गांव में नदी के किनारे खातेदारी जमीन व उसके किनारे सरकारी जमीन से अवैध खनन को लेकर उपजे विवाद में गत रविवार देर रात दो पक्षों में झगड़ा हुआ था और हिस्ट्रीशीटर की हत्या कर दी गई थी। यह जमीन खातेदार ने बजरी खनन के लिए मेहबूब खान को ठेके पर दी थी। फिर यही जमीन दूसरे पक्ष को ठेके पर दे दी गई थी। जबकि खनिज विभाग से बजरी खनन के लिए आवश्यक लीज नहीं ली गई थी। यानि पूरी तरह अवैध तरीके से बजरी का खनन हो रहा था।
अवैध खनन करने वालों से सांठ-गांठ
बजरी के अवैध खनन में राज्य में पुलिस के कई अफसर भ्रष्टाचार में फंस चुके हैं। पुलिस की किरकिरी होने पर पुलिस महानिदेशक ने अवैध खनन करने वालों पर पुलिस को अकेले कार्रवाई न करने का फरमान जारी किया था। खनिज विभाग के साथ होने पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। तब से पुलिस ने कार्रवाई तो बंद कर दी, लेकिन अवैध खनन लगातार जारी है।
आदेश के बावजूद पुलिस कर रही जांच
पुलिस को बजरी से भरे डम्पर रोकने व जांच करने से मनाही है, लेकिन इसके बावजूद कई थानों की पुलिस बजरी से भरे डम्पर न सिर्फ रोक रही है, बल्कि जांच के नाम पर ई-रवान्ना पर हस्ताक्षर तक कर रही है। गत दिनों सांगरिया में बजरी डम्पर चालक से रुपए लेने का वीडियो वायरल होने पर चेतक में तैनात एएसआई व दो सिपाहियों को निलम्बित भी किया गया था।
नदी से 50 मीटर दूरी पर लीज
खनिज विभाग खातेदारी जमीन पर बजरी के खनन की लीज दे रही है। नदी से पचास मीटर दूर जमीन खातेदारी जमीन की लीज ही दी जा रही है। नदी से पचास मीटर दूरी वाली जमीन पर बजरी का खनन करना अवैध है।
12 लीज जारी, 76 लीज के आवेदन पैंडिंग
खनिज विभाग ने जिले में नदी के किनारे 12 खाताधारकों को लीज जारी कर रखी है। इन्हीं से बजरी का खनन व सप्लाई वैध है। इसके अलावा विभाग में बजरी की लीज के 76 आवेदन लम्बित हैं।
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