छात्रों की कॉपियां जमीन निगल गई या आसमान खा गया!

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जोधपुर।

बैचलर ऑफ फि जीकल एजुकेशन (बीपीएड) के १२ छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं या तो जमीन निगल गई है या आसमान खा गया है! यह बात बीपीएड स्टूडेन्ट्स की कॉपियां गायब होने के मामले सही साबित हो रही है क्योंकि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय करीब ढाई माह बाद भी इन गायब हुइ कॉपियों का पता नहीं लगा पाया है। विवि ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और मजबूर छात्रों को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी है।

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'स्पोट्र्स मैनेजमेंटÓ में बताया था अनुपस्थित

बीपीएड के विद्यार्थियों ने बीपीएड के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा दी । बीपीएड के तीसरे पेपर स्पोट्र्स मैनेजमेंट की 19 जुलाई को हुई परीक्षा में 94 परीक्षार्थी बैठे। जेएनवीयू की ओर से 16 अगस्त को घोषित परिणाम में रोल नम्बर 18बीपीई- 10001 से 10012 तक के परीक्षार्थियों को अनुपस्थित बताया और डिग्री के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। इसकी वजह इन विद्यार्थियों की एक विषय की कॉपियां गायब होना है। मुख्य परीक्षक को जांच के लिए भेजी गई कुल कॉपियों में 12 कॉपियां कम 94 में से 82 ही मिली ।

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पत्रिका की खबर के बाद बैक डेट में निकाला रिजल्ट

राजस्थान पत्रिका ने 21 अगस्त को '12 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, फिर कॉपियां गायब हो गई और यूनिवर्सिटी ने बता दिया अनुपस्थितÓ शीर्षक से खबर प्रकाशन के बाद विवि ने 21 अगस्त को ही शाम को इन विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। विवि ने आनन-फानन में रिजल्ट घोषित कर बैक डेट यानी परीक्षा परिणाम की तिथि 16 अगस्त की अंकतालिकाएं जारी कर वेबसाइट पर अपलोड कर दी। जिसमें छात्रों को औसत अंक देकर उनको पास कर दिया।

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कम अंक वाले विद्यार्थियों को मिल गए पसंदीदा केन्द्र

प्रदेश के फिजीकल कॉलेज में बीपीएड व एमपीएड कोर्सेज में एडमिशन के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर की ओर से काउंसलिंग कराई गई, जिसकी तृतीय व अंतिम काउंसलिंग 21 अगस्त को हुई। 21 अगस्त को शाम 4 बजे तक इन 12 विद्यार्थियों को परिणाम घोषित किया गया। एेसे में काउंसलिंग में देरी की वजह से 5 विद्यार्थियों को मांगे गए केन्द्रों पर प्रवेश नहीं मिला, जबकि इनसे कम नम्बर वाले विद्यार्थियों को उनकी पसंद के अनुसार केन्द्र आवंटित हुई। वहीं 4 विद्यार्थियों के अंक ज्यादा होने पर भी एमपीएड के लिए नम्बर नहीं आया तथा 3 विद्यार्थियों ने आवेदन ही नहीं किया।

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मेरे संज्ञान में यह मामला अब आया है। मैं इस मामले की जानकारी लेकर उचित कार्यवाही करवाता हूं।

डॉ बीआर चौधरी, कार्यवाहक कुलपतिजेएनवीयू

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