जोधपुर।
हरियाणा के लगभग 150 पुलिसकर्मियों ने बुधवार रात दिल्ली से जोधपुर आ रही एक ट्रेन में हंगामा खड़ा कर दिया और डिब्बों में किसी भी यात्री को जाने नहीं दिया। जबकि उन्होंने आरक्षण करवाया हुआ था। जानकारी के अनुसार, पुलिस जवानों ने अपने डिब्बों को बंद कर दिया था, उनके पास भी आरक्षण था। जवानों ने आधे से अधिक मार्ग के लिए आरक्षण होने के बावजूद किसी भी यात्री को रूट स्टेशनों से डिब्बे में सवार होने की अनुमति नहीं दी।
बताया जा रहा है कि पुलिस के जवान दिल्ली से ट्रेन के तीन स्लीपर कोच एस-8, एस-9 और एस-10 में घुस गए और किसी यात्री को अंदर घुसने नहीं दिया। डिब्बों में पहले से बैठे यात्रियों को भी बाहर निकाल दिया। इसके साथ ही यात्रियों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की भी की। मिली जानकारी के मुताबिक़ ट्रेन के लेट होने की वजह से एस 1 कोच में यात्रा कर रहे एक परिवार की दो माह की बच्ची की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार डेगाना जंक्शन पर डॉक्टर ने इसकी पुष्टी भी की। हालांकि उसके परिजनों के जोधपुर नहीं आने से पूरी जानकारी नहीं मिल आई।
जोधपुर डिवीजन के वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी गोपाल शर्मा के अनुसार इस संबंध में टीटीई से रिपोर्ट मांगी गई है। शर्मा ने बताया कि रेलवे की ओर से घटना से सम्बंधित टीटीई से रिपोर्ट मांगी गई है, उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस के कुछ जवान सराय रोहिल्ला-जोधपुर ट्रेन संख्या 2248 में चढ़े और अपने डिब्बे में अन्य यात्रियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया। जवानों ने ट्रेन में हंगामा किया और डेगाना स्टेशन तक किसी भी यात्री को डिब्बे में जाने की अनुमति नहीं दी। चूंकि सभी बोगियां आपस में जुड़ी हुई थी इसलिए यात्रियों ने अन्य डिब्बों के जरिए डिब्बे में प्रवेश किया।
[MORE_ADVERTISE1][MORE_ADVERTISE2]@RailMinIndia रेल रवाना 23:15 पर दिल्ली सराय रोहिल्ला से हो गई थी, अभी तक किसी तरह की कोई सहायता नहीं हुई है। तीनो TTE ने हाथ खड़े कर लिए है। पुलिस वाले कोच का गेट ही नहीं खोल रहे हैं, जिसमे हमारी सीट रिजर्व है, महिला, बच्चे बूढ़े सब परेशान हैं। https://t.co/QZyCiXDICJ
— Kailash Sharma (@kailash_pandit) November 13, 2019
जानकारी के मुताबिक, ये पुलिसकर्मी हरियाणा से पुलिस ट्रेनिंग के लिए जोधपुर पहुंचे हैं।
यात्रियों की पीड़ा
एक यात्री ने बताया कि हमने ट्विटर का उपयोग करके रेलवे प्रशासन से भी मदद मांगी, लेकिन किसी भी अधिकारी द्वारा कोई राहत नहीं दी गई। जबकि एक अन्य यात्री ने कहा कि पूरी यात्रा उनके लिए एक बुरा सपना बन गई।
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