ऑनलाइन डेटिंग साइट्स बन रही ठगी का नया अड्डा, विदेशी सर्वर पर होस्ट होने से पकड़ पाना मुश्किल

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केस-1- जालोरी गेट निवासी युवती को अल्बर्ट ल्योनॉर्ड नाम से फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। उसने युवती की दोस्त का परिचित होने का झांसा दिया। कुछ दिनों बाद व्यक्ति ने युवती को गिफ्ट भेजने को कहा। युवती बातों में आ गई। दिल्ली एयरपोर्ट से कस्टम अधिकारी बनकर युवती से क्लियरेंस के नाम पर 1.55 लाख रुपए खाते में ट्रांसफर कर दिए।

केस-2- शास्त्रीनगर में भी एक महिला ने एफबी पर यूके के लिओ अर्सी नामक युवक की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार की। दोस्ती के बाद चैटिंग शुरू हुई। इसके बाद विदेशी नागरिक ने गिफ्ट के नाम पर 75 हजार रुपए हड़प लिए। बाद में उसे फोन व मैसेज कर जेल भेजने की धमकी दी।

जोधपुर. इस तरह के कई केस आ रहे हैं। कुछ थानों में दर्ज हो रहे हैं तो कुछ नहीं। ऑनलाइन चैटिंग ऐप को साइबर अपराधियों ने ठगी का नया अड्डा बना लिया है। सोशल मीडिया पर पहले दोस्ती की जाती है, फिर चैटिंग कर उनसे रुपए हड़प लिए जाते हैं। इंटरनेट पर सैंकड़ों डेटिंग वेबसाइट्स और ऐप हैं, जहां लोगों के लिए चैटिंग की सेवा उपलब्ध है। जैसे-जैसे यूजर्स बढ़े, साइबर अपराधियों की नजर डेटिंग ऐप पर पडऩे लगी। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे ऐप के जरिए ठग भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल कर ठगी करते हैं। चूंकि फेक डिटेल्स से ठगी को अंजाम दिया जाता है, इसलिए पुलिस के लिए भी इन्हे पकडऩा मुश्किल हो जाता है।

यों करते हैं ठगी
-इंस्टाग्राम से फोटोज निकाल डेटिंग ऐप/साइट्स पर फेक प्रोफाइल बनाते हैं।- सोशल मीडिया का उपयोग कर उसकी विस्तृत जानकारी निकालते हैं और रिक्वेस्ट भेजते हैं।
- उसके बाद चैटिंग कर उसे फंसाते हैं।
- दोस्ती गहरी होने पर किसी ना किसी बहाने से उससे पैसे निकलवाते हैं। ये पैसे ज्यादातर फेक नंबर से बने हुए पेटीएम अकाउंट्स में लेते हैं।
- जरूरत पडऩे पर सीधा पेपल में भी ट्रांसफर करवा लेते हैं, जिससे विदेश भेजने में या विदेश से खरीदारी करने में आसानी रहे।

पेटीएम से लेते हैं पेमेंट
आइटी एक्सपर्ट ने बताया कि बैंक में भेजा गया पैसा ट्रेस किया जा सकता है और जरूरत पडऩे पर ट्रांजेक्शन को रोका भी जा सकता है, लेकिन जालसाज फर्जी तरह से केवायसी कर सिम हथिया लेते हैं और उससे पेटीएम अकाउंट बनाते हैं, जिसमें ट्रांसफर हुआ पैसा रिवर्स नहीं हो सकता और ना ही वे यूजर को ट्रैक कर सकते हैं।

बचाव के तरीके
- जब भी आप ऐस इंस्टाल करें, तो व्यवसाय, नौकरी की जानकारियां नहीं दें।
- ऑनलाइन दोस्तों को मोबाइल नंबर, ई-मेल, पता, फोटोज शेयर नहीं करें।
- यदि आप ऐप पर चैट कर रहे हैं तो भावुकता भरी बातों में नहीं आएं, वह ठग हो सकता है।
- कुछ हफ्तों की चैटिंग के बाद रुपए मांगे या गिफ्ट देने का लालच दे तो सतर्क रहें।

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