अविनाश केवलिया/जोधपुर. शादियों का सीजन शुरू हो चुका है। आप परिवार में किसी मंगल कार्य के लिए विवाह स्थल या समारोह स्थल की बुकिंग करवाने जा रहे हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। क्योंकि कई विवाह व समारोह स्थल नियमों को ताक पर रख संचालित हो रहे हैं। ऐसे स्थलों की सूची निगम ने तैयार की है। इन पर जल्द ही कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
यह होनी चाहिए व्यवस्था
- सुरक्षा को देखते हुए फायर फाइटिंग सिस्टम अपडेट होना चाहिए। साथ ही सेटबैक सहित आग लगने पर बचाव के उपाय भी किए जा सकते हैं।
- किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए आपातकाल निकास की व्यवस्था होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं है।
- पार्र्किंग सुविधा बेहतर होनी चाहिए, जिससे कि आमजन को परेशानी न हो।
- कचरा निस्तारण व सफाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए।
पार्र्किंग सबसे बड़ी समस्या
विवाह स्थलों पर सबसे बड़ी समस्या पार्र्किंग की है। समारोह स्थलों के बाहर खड़े वाहनों के कारण सडक़ों पर जाम की स्थिति भी बन जाती है। हालही में 8 नवम्बर के धूम सावे के दिन शहर की प्रमुख सडक़ों पर ऐसे ही नजारे देखने को मिले थे। अभी आगामी चार माह तक ऐसे अबूझ सावों के कई मुहूर्त है। ऐसे में शहर को इस प्रकार की परेशानी से कई बार गुजरना पड़ सकता है।
ऐसी स्थितियां हैं आम
विवाह स्थलों के बाहर शादी समारोह के दूसरे दिन के हालात सबसे बदहाली वाले होते हैं। भोजन का झूठन और कचरा इन स्थलों के बाहर हमारे शहर की स्थितियां खराब करता है। जबकि साफ-सफाई के लिए बुकिंग वाले उपभोक्ताओं से राशि भी ली जाती है।
क्या है स्थिति
- 150 के आस-पास विवाह स्थल हैं सूचीबद्ध
- 60 ऐसे सूचीबद्ध विवाह स्थल हैं जिन्होंने अब तक फायर एनओसी नहीं ली है
- अघोषित रूप से विवाह आयोजन स्थलों की संख्या 250 से ज्यादा ही होगी
निगम की तैयारी
नगर निगम की ओर से इस सीजन में अब तक ऐसे विवाह स्थलों में किसी प्रकार की जांच नहीं की गई है। अब अगले सप्ताह इनकी जांच प्रस्तावित है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी संजय शर्मा बताते हैं कि कई लोगों ने स्वत: ही एनओसी ले ली है। लेकिन कई ऐसे विवाह स्थल संचालक है जिन्होंने सालों से सुरक्षा व्यवस्था अपडेट ही नहीं की।
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