सामूहिक विवाह में अचानक आई दुल्‍हन की आवाजें...अन्न का अपमान नहीं सहेंगी

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२३ वें सामूहिक विवाह में दूल्हनों ने समाज के लोगों से की पॉलीथिन बहिष्कार कर पर्यावरण बचाने और जूठन ना छोडऩे की अपील

जोधपुर. घांची महासभा जोधपुर की ओर से शुक्रवार देर शाम को गांधी मैदान सरदारपुरा में आयोजित २३ वें सामूहिक विवाह समारोह में १६ जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सजे धजे दूल्हे रात ११ बजे गाजे बाजों के साथ विवाह स्थल पहुंचने पर समाज व महासभा के पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। सामूहिक विवाह में दूल्हनों ने समाज के लोगों से प्रीति भोज के दौरान समाज के लोगों से की पर्यावरण बचाने और जूठन ना छोडऩे की अपील की। विवाह स्थल परिसर में जगह जगह इतना ही लो थाली में-व्यर्थ ना जाए नाली में... और अन्न देवता है, जूठन छोड़कर अपमान ना करे .. लिखे संदेश से जूठन ना छोडऩे की अपील की गई। महासभा के अध्यक्ष जुगल भाटी ने महासभा की ओर से २३ वें सामूहिक विवाह तक कुल ६३७ जोड़े परिणय सूत्र में बंध चुके है। विवाह स्थल पर देर रात आयोजित वरमाला समारोह के दौरान समाज के वरिष्ठ सदस्यों अचलुराम सोलंकी, राजेश सोलंकी, महासचिव पूनमचंद पंवार, किशनलाल बोराणा, श्रीकिशन भाटी, गौरीशंकर बोराणा, राजेश बोराणा, खांगड़ी महासभा अध्यक्ष वैनाराम चांगवा, प्रफुल बोराणा, दिनेश नागौरी, ओमप्रकाश भाटी, राजेन्द्र भाटी, घनश्याम परिहार, श्याम भाटी, व शहर विधायक मनीषा पंवार, जस्टिस पीके लोहरा, रमेश बोराणा, डॉ. संगीता सोलंकी, राजेन्द्र सोलंकी आदि जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों को सुखद दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद प्रदान किया। सामूहिक विवाह संचालन में घांची समाज के सहायक संगठनों से जुड़े के वरिष्ठ लोगों, महिलाओं व युवाओं का सहयोग रहा।

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