नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे : राजस्थान में बढ़ रहे हैं कैंसर मरीज, गुटखा-तम्बाकू सेवन बन रहा बड़ा कारण

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अरविंदसिंह राजपुरोहित/जोधपुर. उस बच्चे पर क्या गुजर रही होगी जिसके पिता को कैंसर है, वो बहन कैसे जीती होगी जिसके भाई के इलाज के लिए पैसों का अभाव है, उस पत्नी की पीड़ा को कौन सुनेगा, जिसके पति को कैंसर है। अरे..अरे....डरें नहीं यह काल्पनिक है, लेकिन पल भर सोच कर देखिए यदि हम या हमारे परिवार में किसी को कैंसर हो तो हम किस प्रकार से प्रभावित होंगे।

जाहिर है ज्यादातर लोग तो कैंसर नाम से ही सिहर उठते हैं, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में हर साल पांच लाख लोग कैंसर की वजह से अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या तम्बाकू खाने वालो की है। इसी के चलते मुंह और गले का कैंसर बढ़ रहा है। जागरुकता के अभाव में यह आंकड़ा साल-दर साल बढ़ रहा है। गुरुवार को कैंसर जागरुकता डे है। आइए हम सब, पहल करते हुए तम्बाकू का सेवन नहीं करने का प्रण लें।

आज ही छोडि़ए तम्बाकू, क्योंकि तेजी से बढ़ रहा कैंसर का आंकड़ा
आइसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 में भारत में सबसे ज्यादा मरीज ओरल कैविटी कैंसर के सामने आए। जिसमें वर्ष 2012 में जहां 56 हजार मामले सामने आए वहीं वर्ष 2018 में 114.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 1 लाख 19 हजार 992 मामले आए। रिपोर्ट के अनुसार तम्बाकु के सेवन से भारत में प्रति वर्ष 3 लाख 50 हजार लोगों की मृत्यू हो जाती है।

समय-समय पर कराएं स्वास्थ्य जांच
कैंसर रोग मुख्य तौर पर चार स्टेज पर होता है। चिकित्सकों के अनुसार प्रथम व दूसरी अवस्था में रोग की पहचान हो जाने व उपचार शुरू होने पर रोगी को कैंसर मुक्त करना संभव होता है। वहीं तीसरी या अंतिम अवस्था में उपचार की शुरुआत से रोगी की मृत्युदर बढ़ जाती है। जागरुकता की कमी के कारण देश में अधिकांश रोगियों में रोग की पहचान तीसरी या अंतिम अवस्था में होती है।

मिलावटी दूध का न करें सेवन
वल्र्ड हैल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने पिछले वर्ष एडवाइजरी जारी करते हुए भारत में मिलने वाले दूध से कैंसर होने की आशंका जताई थी। दरअसल भारत में मिलावटी दूध का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। दूध को गाढ़ा करने, मात्रा बढ़ाने के लिए केमिकल का यूज किया जाता है। ऐसे दूध को पीकर कई नौनिहाल कैंसर की चपेट में आ रहे हैं।

नहीं है मुश्किल, पहल तो कीजिए
- तम्बाकू का ख्याल आते ही कुछ समय अपनों के साथ बिताएं
- मनोचिकित्सक की समय-समय पर सलाह लें
- स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं
- अपना वजन सामान्य श्रेणी में रखें
- नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
- योग को अपने जीवन में शामिल करें
- भरपूर मात्रा में फलों एवं सब्जियों का सेवन करें
- मिलावटी चीजों के सेवन से बचें

आज से ही लें संकल्प
भारत में नए कैंसर मरीजों में तम्बाकू सबसे बड़े कारणों में से एक है। किसी भी प्रकार की भ्रांतियों पर ध्यान दिए बगैर आज से ही संकल्प लेकर इसे छोडऩे का प्रयास करना चाहिए। कैंसर के अन्य दुष्प्रभावों से बचने के लिए नियमित योग, वॉक सहित भोजन में हरी सब्जियां, फलों का अधिक से अधिक सेवन करें। मोटापा कम करें व हेल्दी फूड को आहार में शामिल करें।
डॉ. पुनीत पारीक, असिस्टेंट प्रोफेसर, रेडियोथैरपी विभाग, एम्स

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