जोधपुर। पाक खुफिया एजेंसी आइएसआइ ( ISI ) के हनीट्रैप ( honeytrap ) में फंसे सेना ( indian soldier ) के दो जवानों को खुफिया एजेंसियों ने मंगलवार को जोधपुर रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिया। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि दोनों जवान फेसबुक ( Facebook ) व वाट्सऐप ( WhatsApp ) के जरिए पिछले करीब डेढ़ साल से महत्वपूर्ण सामरिक जानकारियां पाकिस्तान ( Pakistan ) भेज रहे थे। दोनों को विस्तृत पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया गया है।
गिरफ्त में आया एक जवान मूलत: मध्यप्रदेश और दूसरा ओडिशा का रहने वाला है। पकड़े गए सेना के दोनों जवान पोकरण ( Pokhran ) में तैनात थे। अभी पोकरण में सेना का एक महत्वपूर्ण युद्धाभ्यास भी चल रहा है। छुट्टी पर पोकरण से अपने गांव जा रहे इन जवानों को सीआईडी ( CID ) की टीम ने दबोच लिया। इन्हें सीधे जयपुर ले जाया गया है।
फेसबुक पर हुई पहचान
सूत्रों के अनुसार सेना की 12 गार्डस के लांस नायक मूलत: मध्यप्रदेश के रवि वर्मा और ओडिशा निवासी कुक विचित्र बेहरा पोकरण में अकेले रहते थे। इनकी आइएसआइ की फील्ड यूनिट की एक महिला से फेसबुक ( Facebook ) पर पहचान हुई।
इंटरनेट कॉल से बातें होती थीं
आइएसआइ की महिला नाम के हिसाब से पंजाबी लगती थी। उसने पाकिस्तान में रहते हुए भारतीय नंबर से जवानों को इंटरनेट कॉल यानी वीओआइपी (वॉइस ऑन इंटरनेट प्रोटोकॉल) किया। भारतीय नंबर देख जवान झांसे में आ गए।
वहीं दूसरी ओर बाड़मेर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कार्रवाई करते हुए म्यूटेशन भरने की एवज मे दस हजार रुपए रिश्वत लेते पटवारी को रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई सिवाना उपखण्ड क्षेत्र के तहसील कार्यालय में हुई। ब्यूरो के उप अधीक्षक अन्नराज ने बताया कि सिवाना क्षेत्र के रमणिया निवासी पारसमल व डूंगरसिंह की शिकायत पर बाड़मेर जिले में सिवाना तहसील के रमणिया पटवारी गोविन्दराम पुत्र भीमाराम निवासी मायलावास को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
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