वकील-जज रोजाना खुद से पूछें, क्या मैंने न्याय किया

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जोधपुर.

'वकील और जज बनना सामान्य बात होती है, लेकिन वकील और जज बनकर क्या हम वास्तव में अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं? क्या वकील अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के हक के लिए पुरजोर ढंग से न्याय की मांग कर रहे हैं? क्या जज आम नागरिकों के अधिकार उन्हें उचित ढंग से मुहैया करावा पा रहे है? वकील और जज को ऐसा सोचते हुए रोज आईना देखना चाहिए ? मै ऐसा करता हूं, इसलिए आपको कह रहा हूं।'

राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांती ने यह बात शुक्रवार को राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन की ओर से उनके सम्मान में आयोजित समारोह में कही। युवा वकीलों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि हम सभी को स्वयं से यह पूछना चाहिए कि क्या हम न्याय व्यवस्था के लिए योग्य हैं और क्या हम सही कार्य कर रहे हैं।

जस्टिस महांती ने 7 दिसम्बर को प्रस्तावित हाईकोर्ट के नए भवन के उद्घाटन की चर्चा करते हुए कहा कि हम केवल सुविधाओं के उपयोग या एसी रूम में बैठने के लिए हाईकोर्ट के नए भवन में नहीं जा रहे। हम गांव और शहर के गरीब लोगों को अधिकार और मूलभूत सुविधाएं दिलाने वहां जा रहे हैं। त्वरित और सुलभ न्याय के काम करने के लिए जा रहे हैं। उन्होंने सभी वकीलों को उद्घाटन समारोह में आने का न्यौता भी दिया।

इससे पहले दोनों अधिवक्ता एसोसिएशन के पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने जस्टिस महांती का स्वागत किया। लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील जोशी ने अधिवक्ताओं की जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार का विश्वास जताया। एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी ने सभी वकीलों को खड़े होकर जस्टिस महांती का सम्मान करने का आग्रह किया।

पुस्तकालय हॉल में आयोजित समारोह में वरिष्ठ न्यायाधीश संगीतराज लोढा़,न्यायाधीश पुष्पेंद्रसिंह भाटी, न्यायाधीश संदीप मेहता, न्यायाधीश विजय विश्नोई, न्यायाधीश विनीत माथुर, न्यायाधीश अरुण भंसाली, न्यायाधीश मनोजकुमार गर्ग, जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरसिंहदास व्यास, न्यायिक अधिकारी और एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। प्रहलादसिंह भाटी ने जस्टिस इंद्रजित महांती का जीवन परिचय दिया।

नया भवन सबसे अलग-सर्वोत्तम
नए हाईकोर्ट भवन की तारीफ करते हुए जस्टिस महांती ने कहा कि वे देश के कई हाईकोर्ट में रहे हैं लेकिन जोधपुर में नवनिर्मित राजस्थान हाईकोर्ट का भवन सबसे अलग और सर्वोत्तम है।

माय लॉर्ड नहीं, केवल न्यायाधीश कहें
लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील जोशी ने चीफ जस्टिस महांती को माय लार्ड कहकर संबोधित किया तो चीफ जस्टिस टोकते हुए कहा कि आप केवल न्यायाधीश शब्द का इस्तेमाल करें।



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