जोधपुर. कायलाना रोड पर माचिया सफारी पार्क के पास नौकायन कराने वाली कम्पनी के कर्मचारी से मारपीट कर डेढ़ लाख रुपए लूट का खुलासा कर प्रतापनगर थाना पुलिस ने रविवार को नौकायन कम्पनी के दो कर्मचारियों सहित चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया। लूट की साजिश दोनों कर्मचारियों ने मिलकर रची थी और एक कर्मचारी ने लूट के लिए अपने भांजे व बुआ के पुत्र को जोधपुर बुलाया था। आरोपियों से 1.30 लाख रुपए भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रीति चन्द्रा के अनुसार कायलाना झील में नौकायन कराने वाली उदयपुर की यश एक्युजमेंट कम्पनी के कर्मचारी सुरेश कलाल से गत 1 नवम्बर की रात माचिया सफारी पार्क के पास मारपीट कर 1.50 लाख रुपए लूटने की शिकायत मिली थी। जांच में मामला संदिग्ध नजर आने पर थानाधिकारी अमित सिहाग व सूरसागर थानाधिकारी किशनलाल विश्नोई के निर्देशन में जांच के बाद सुरेश व एक अन्य कर्मचारी ओमप्रकाश जाट पर संदेह हुआ। सख्त पूछताछ में दोनों ने लूट की साजिश रचना कबूल कर लिया। ओमप्रकाश ने भांजे खुशालसिंह जाखड़ व बुआ के पुत्र भाई अचलाराम जाट को जोधपुर बुलाकर लूट कराई थी।
एसीपी विक्रमसिंह के नेतृत्व में लोहावट में जाटावास निवासी खुशालसिंह जाखड़ (20) पुत्र चूनाराम जाट, अचलाराम (21) पुत्र मोहनलाल जाट, नौकायन कम्पनी कर्मचारी पल्ली निवासी ओमप्रकाश (27) पुत्र मोहनलाल जाट और उदयपुर में जावर माइंस थानान्तर्गत अदवास निवासी सुरेश (20) पुत्र नारायण कलाल को गिरफ्तार किया गया। कम्पनी के संचालक उदयमंदिर में आजाद नगर स्थित हाउसिंग सोसायटी निवासी मोहम्मद सोहेल ने लूट का मामला दर्ज कराया था।
लुटेरों को मिलने थे 10-10 हजार
पुलिस के अनुसार सुरेश कलाल टिकट काटने व कलेक्शन का काम करता है। उसे कलेक्शन राशि हर सप्ताह बैंक में जमा करानी होती है, लेकिन उसने व एक अन्य कर्मचारी ओमप्रकाश ने बड़ी कलेक्शन राशि लूटने की साजिश रची। राशि बराबर बांटना तय हुआ। लूट के लिए ओमप्रकाश ने भांजे खुशालसिंह व बुआ के पुत्र अचलाराम को तय किया था। उन्हें दस-दस हजार रुपए मिलने थे।
मिस्ड कॉल से दिया संकेत दिया काम हो गया
गत एक अक्टूबर को खुशाल व अचलाराम मोटरसाइकिल पर लोहावट से जोधपुर आए और शाम सात बजे कायलाना रोड पर सुनसान जगह खड़े हो गए। उन्होंने ओमप्रकाश को फोन किया तो सुरेश कलाल कलेक्शन राशि लेकर कायलाना से बाइक पर रवाना हुआ था। माचिया सफारी पार्क के पास दोनों ने उसे रोका। संदेह न हो इसलिए उसके कपड़े फाड़े और मारपीट भी की और 1.50 लाख रुपए लूटकर भाग गए थे। सुरेश झील पहुंचा और लूट की जानकारी दी।
आठ हजार तनख्वाह, मोबाइल खरीदा 22 हजार का
ओमप्रकाश को आठ हजार व सुरेश को पांच हजार रुपए तनख्वाह मिलती है। लूट के बाद जांच में सामने आया कि ओमप्रकाश ने कुछ दिन पहले ही 22 हजार रुपए का मोबाइल खरीदा था। इससे संदेह हुआ।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2JOqvWO
0 comments:
Post a Comment