साइंस पार्क-फन, मैजिक, म्यूजियम

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जोधपुर. आज हम आसमान में पक्षियों से तेज उड़ सकते हैं, समुद्र में शार्क से तेज तैर सकते हैं। जमीन में घोड़े से भी तेज भाग सकते हैं, अपनों से बस कुछ ही सेंकेंडों में बात कर सकते हैं भले ही वे दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न हों। अब तो इंटरनेट में पूरी दुनिया समाई हुई है। यह सिर्फ और सिर्फ विज्ञान की देन है। विज्ञान प्रकृति का एक ऐसा वरदान है जिसकी कीमत का हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते। आज 10 नवंबर है, जिसे हर साल विश्व विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष २००१ में यह दिवस यूनेस्को की ओर से प्रस्तावित किया गया था। मंशा यह थी कि पूरे विश्व के लिए साल में एक दिन ऐसा होना चाहिए, जिस दिन विश्व के सारे देश विश्व विज्ञान दिवस के रूप में मना सकें। यूनेस्को की ओर से प्रस्तावित करने के बाद 10 नवंबर 2002 में पहली बार विश्व विज्ञान दिवस पूरे विश्व में मनाया गया। विश्व विज्ञान दिवस पर आज सैर करा रहे हैं जोधपुर के साइंस पार्क की।

अगर आपका है साइंस में इंटरेस्ट तो आइए यहां

यदि आप भी साइंस में रुचि रखते हैं एवं विज्ञान से रिलेटेड इंर्फोमेशन लेना चाहते हैं तो शहर में बना साइंस पार्क आपके लिए ही है। राज्य के विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास बने इस पार्क में साइंस म्यूजियम भी है। इस विज्ञान उद्यान में जहां वैज्ञानिक सिद्धांतों के बारे में जान सकते हैं बल्कि आकाश एवं तारामंडल के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहां डायनासोर के मॉडल रोमांचित करने वाले हैं।
साइंस स्टूडेंट के लिए १३३ मॉडल

साइंस पार्क में कक्षा ९ से १२ तक के बच्चों के लिए आकर्षक मॉडल हैं। यहां रखे गए १३३ मॉडल से साइंस के स्टूडेंट्स ढेर-सारी इंफोर्मेशन ले सकते हैं। इसके चलते यहां स्टूडेंट्स की खासी भीड़ रहती है।

जादू कर रहा आकर्षित

साइंस पार्क में बने झूले बच्चों को खासे आकर्षित कर रहे हैं। पार्क में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बना हुआ है। यहां तीन अलग-अलग तरह के डायनासोर और विज्ञान पर आधारित कई तरह के झूले लगे हुए हैं। इन्हें देख बच्चे काफी रोमांचित हो रहे हैं। इसके अलावा म्यूजियम में बहुत सी ऐसी चीजें हैं, जिन्हें जादूगर करिश्मा का नाम देते हैं। कांच का एक ऐसा रूम है, जिसमें व्यक्ति खड़ा रहता है, लेकिन बाहर केवल धड़ दिखाई देता है। यहां एक ताजमहल भी है, जिसकी नींव लकड़ी के पट्टों से भरी गई है। इसी तरह हेरिटेज गैलरी व फन साइंस गैलरी में खेल-खेल में बहुत सी रोमांचक जानकारियां दी जा रही है।
पार्क व म्यूजियम का टिकट

साइंस पार्क के डॉ. सुशील दाधीच ने बताया कि इसे देखने के लिए विंटर सीजन में सुबह ९:३० से ५:३० के बीच जा सकते हैं। यहां टिकट 30 रुपए है, जिसमें से 20 रुपए प्रवेश शुल्क और 10 रुपए तारामंडल के शामिल हैंं। तारामंडल का टिकट वही लेता है, जिसे देखना होता है, इसलिए यह वैकल्पिक रखा गया है।

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