हाई-अलर्ट के चलते लोडेड हथियारों के साथ पुलिस की नाकाबंदी, वाहनों की हो रही सघन जांच, सोशल मीडिया पर नजर

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

वीडियो : विकास चौधरी/जोधपुर. अयोध्या मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट फैसले की घड़ी से बारह घंटे पूर्व जोधपुर में पुलिस हाई-अलर्ट हो गई। निषेधाज्ञा की धारा १४४ लागू कर नाकाबंदी शुरू कर दी गई। जो शुक्रवार रात दस से पन्द्रह नवम्बर रात दस बजे तक लागू रहेगी। वाहनों की सघन जांच और सोशल मीडिया की हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी गई। इसके तहत पांच या पांच से अधिक व्यक्ति जमा नहीं हो सकेंगे। न ही हथियारों का प्रदर्शन किया जा सकेगा। कोई भी भडक़ाऊ भाषण नहीं होंगे।स्कूल, कॉलेज व सामाजिक आयोजन को धारा १४४ से अलग रखा गया है। पुलिस कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर संयम बरतें व अफवाहनों से दूर रहें। ताकि चिंगारी न भडक़ें और कोई अप्रिय घटना न हों।

लोडेड हथियारों के साथ नाकाबंदी, डीसीपी राउण्ड पर
कमिश्नरेट में देर रात सघन नाकाबंदी कर दी गई। लोडेड हथियारों के साथ हर चौराहे व प्रमुख पॉइंट पर जांच शुरू कर दी गई। बाहर से आने व जाने वाले वाहन और उनमें सवार लोगों की जानकारी नोट की गई। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) धर्मेन्द्र यादव स्वयं जिले में देर रात राउण्ड पर रहे। पॉइंट पर तैनात पुलिस अधिकारियों व जवानों के हथियार चेक किए और सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस तैनात
फैसले की प्रतिक्रिया को लेकर पुलिस कमिश्नरेट में पिछले कई दिनों से सतर्कता बरती जा रही है। अब फैसले से पहले व बाद में हर संवेदनीशल व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस तैनात कर दी गई है। सादे वस्त्रों में भी पुलिस हर जगह नजर रखने का प्रयास कर रही है।

चुनिंदा बदमाशों का चयन, हर मूवमेंट पर नजर
पुलिस ने जिले के चुनिंदा बदमाशों की सूची बनाई है। इनके हर मूवमेंट व गतिविधि पर पुलिस की नजर है। फैसले से पूर्व व बाद में भी इन पर विशेष नजर रखी जाएगी।

पुलिस कमिश्नर ने देर रात ली अफसरों की बैठक
फैसले की प्रतिक्रिया से आशंकित पुलिस कमिश्नर प्र्रफुल्ल कुमार ने रात सवा ग्यारह बजे पुलिस लाइन के सरदार पटेल सभागार में आपात बैठक बुलाई। जिसमें पुलिस उपायुक्त प्रीति चन्द्रा, धर्मेन्द्र यादव व कालूराम रावत, आइपीएस राजेश मीणा, दिगंत आनंद सहित सभी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और थानाधिकारी शामिल रहे। पुलिस कमिश्नर और पुलिस उपायुक्त ने सभी अफसरों को फैसले से पहले व बाद हाई-अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। साथ ही हर संवेदनशील क्षेत्रों में समय-समय पर गश्त करने और बदमाशों पर नजर रखने की कड़ी हिदायत भी दी गई।

साइबर सैल सक्रिय
पुलिस के सबसे बड़ी चुनौती सोशल मीडिया पर अफवाहों व भ्रामक सूचनाओं से निपटने की है। इसके लिए जिले की विशेष साइबर सैल को सक्रिय किया गया है। पुलिस अभय कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेंटर से सोशल मीडिया पर हर संदिग्ध संदेश व बदमाशों के ग्रुप पर नजर रखने की हिदायत दी गई है। पुलिस को हर संसाधनों से लैस कर दिया गया है। पुलिस के अतिरिक्त आरएसी, ईआरटी, क्यूआरटी आदि भी सतर्क हैं। आंसू गैस के गोले, वरूण व वज्र वाहनों को तैयार रखा गया है।

२७ साल पहले वाले तनावग्रस्त क्षेत्रों पर खास नजर
विवादित ढांचा ढहाने के दौरान वर्ष १९९२ में जोधपुर के कई क्षेत्रों में हिंसक घटनाएं हुईं थी। तोड़-फोड़ व आगजनी के बाद पहली बार कफ्र्यू लगा दिया गया था। अब एक बार फिर उन्हीं तनावग्रस्त क्षेत्रों को लेकर पुलिस विशेष चौकसी बरत रही है।

[MORE_ADVERTISE1]

from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/36Kk9BM
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment