जोधपुर.
पूरे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने का अभियान चल रहा है। पहले ही एक निर्धारित सीमा से कम प्लास्टिक से बने उत्पादों पर प्रतिबंध है फिर भी हम बड़ी मात्रा में प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं। कुछ हद तक जागरुकता आई है लेकिन अब भी बहुत कुछ करना बाकी है।
प्रदेश के अन्य शहरों की तरह ही हमारा शहर भी प्लास्टिक कचरे के खिलाफ जंग तो लड़ रहा है लेकिन अब भी हथियार पूरे नहीं है। कुछ वस्तुएं ऐसी है जो कि पूर्ण रूप से प्लास्टिक के रूप में ही उपयोग हो रही है। शहर में एकत्रित होने वाला 650 टन कचरे में से करीब 50 टन से ज्यादा सिर्फ प्लास्टिक का होता है। खास बात यह है कि अभी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट शुरू नहीं हुआ है, ऐसे में प्लास्टिक कचरा हमारे धरा को प्रदूषित कर रहा है।
फैक्ट फाइल
- 650 टन कचरा प्रतिदिन जोधपुर से एकत्रित किया जाता है।
- 7 से 10 प्रतिशत तक इसमें प्लास्टिक होता है।
- 50 टन से ज्यादा सिर्फ प्लास्टिक कचरा
यहां हुई जागरूकता और ली शपथ
जीत कॉलेज में प्रथम वर्ष के स्टूडेंट ने गुरुवार को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने व अभियान के समर्थन में शपथ ली। रजिस्ट्रार प्रो. राकेश कोठारी ने बताया कि समूह के महानिदेशक इंजि. नवनीत अग्रवाल की अगुवाई में कैंपस डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) केके पालीवाल सहित 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने शपथ ली।
द शांति निकेतन स्कूल में भी लिया संकल्प
द शान्ति निकेतन स्कूल के बच्चों ने डेली लाइफ में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने, पर्यावरण को स्वच्छ करने, स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान बच्चों के द्वारा लाए गए प्लास्टिक को इकट्टा करके कैरू प्लांट भेजा गया। प्रिंसिपल योगेश्वरी राठौड़ और निदेशक डॉ. शोभा मोदी ने स्वच्छ पर्यावरण का महत्व बताया।
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