-अपने गार्डन को बनाए ओर ज्यादा ब्यूटीफूल
जोधपुर.
विंटर टाइम आते ही रंग बिरंगे फ्लॉवर की बहार आ जाती है। नर्सरी में भी बिकने के लिए एक से बढ़कर एक आकर्षक पौधे आ जाते हैं। नेचर लवर के लिए भी यह मौसम काफी खास होता है क्योंकि यही वो टाइम है, जब गार्डन को कम मेहनत कर अच्छे से महकाया जा सकता है। क्योंकि सर्दियों के मौसम में फूलों के पौधे लगाना बेहद ही आसान काम होता है। इस मौसम में कोई भी पौधा काफी आसानी से बढ़ता है। कई प्लॉवर्स ऐसे भी होते हैं जो केवल विंटर के समय ही उगाए जाते हैं। ऐसे में यदि आप भी विंटर को लेकर अपने गार्डन में प्लांटेशन की प्लानिंग कर रहे हैं तो जानिए सर्दियों के मौसम में अपने गार्डन को ओर ज्यादा ब्यूटीफूल बना सकते हैं।
कौनसे पौधे लगाएं
सर्दियों के मौसम में जो प्लॉवर्स होते हैं उनमें टूलिप, डहेलिया, गजेनिया, डेन्थस, पेटूनियां, ग्लेडियस ,जरबेरा, फ्रेसिया, कैलेंडुला , पोपी, आइस फ्लोबर, बैगोनियां, टोरेनिया, वंडरलैंड, पैंसी, ग्लोक्सीनिया, स्टॉक सिनड्रेरा आदि फ्लॉवर्स हैं। जिन्हें विंटर टाइम में बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है। इसके अलावा इन सभी फूलों को आप आसानी से सर्दी में उगा सकते है। इसके अलावा गुलाब, कनेर, गुडहल, रातरानी, कामनी, मोगरा, परिजात आदि सभी फूलों के पौधे सर्दियों के मौसम में आसानी से उग सकते हैं। ये सभी पौधे ज्यादातर कटिंग से आसानी से उग जाते हैं। इन पौधों को अक्टूबर के महीने में कटिंग पौधे से उगाना काफी सरल होता है।
इस तरह से करें प्लांटेशन -
विंटर टाइम में प्लांटेशन के लिए सबसे परफेक्ट मिट्टी में बुलई दोमट या गार्डन की ही उपजाऊ मिट्टी काफी है। गार्डन में यदि रेतीली मिट्टी है तो इसमें गोबर, खाद व चिकनी मिट्टी डालकर उपजाऊ बना सकते हैं। गमलों में फूल वाले पौधें लगाने के लिए गमले में आधा हिस्सा पुरानी गोबर की खाद, आधा हिस्सा कोकोपीट, थोड़ी सी मिट्टी (पुराने गमले की) मिलाकर गमले को भर लें। फिर इसमें पौधा लगाएं। हफ्ते भर तक पौधे में पानी के अलावा कुछ नहीं देना है।
फिर पौधों को 20-20-20 एनपीके (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) मिश्रण को पानी में घोलकर स्प्रे कर सकते हैं या चाहें तो सूखा मिश्रण डालकर पानी दें। कैल्शियम बोरान का भी उपयोग कर सकते हैं। सर्दियों के फूलों में आप जैविक खेती का ही प्रयोग करें। जैसे गोबर खाद, केंचुआ खाद और जैविक खाद आदि इससे पौधे किसी भी रूप में खराब नहीं होते है। कब लगाएं सर्दियों के फूलों के पौधों को लगाने के लिये उनके छोटे पौधे तैयार किए जाते हैं। छोटे पौधे तैयार करने के लिये सितम्बर के लास्ट वीक से अक्टूबर का लास्ट वीक बेस्ट टाइम रहता है। बीज लगाते समय ध्यान रखें कि आप जिस मिट्टी का प्रयोग कर रहे हैं वह अच्छे जल निकास वाली होनी चाहिये ताकि बीज उगने से पहले सड़े नहीं और वह सुरक्षित रहें।
पौधों की लाइफ के लिए यह सावधानी भी रखें-
विंटर टाइम में प्लॉवर्स पर ज्यादा से ज्यादा धूप मिलनी चाहिए।
-हर 15 से 20 दिन में एक बार जैविक खाद डालें।
-बीज डालते समय फंगीसाइट पाउडर का यूज करें।
-पौधों को कोल्ड वाटर देने की कोशिश करें।
-गमलों के पौधों में रासायनिक खाद का कम से कम यूज हो।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2VeplZa
0 comments:
Post a Comment