प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए आइआइटी जोधपुर की पहल, कम्पनी में जॉब से पहले जूनियर छात्रों से सिस्टमेटिक इंट्रेक्शन

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गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) जोधपुर ने अपने विद्यार्थियों का प्लेसमेंट बढ़ाने के लिए ‘आस्क मी एनिथिंग’ शुरू किया है। इसके तहत प्लेसमेंट पाने वाले छात्रों का कम्पनी जॉइन करने से पहले जूनियर छात्रों के साथ सिस्टमेटिक तरीके से इंट्रेक्शन होता है, जिसे ‘शेयरिंग बाय लर्निंग’ भी कहते हैं। इससे प्लेसमेंट के बारे में छात्रों को रियल टाइम जानकारी मिल सकती है। नया आइडिया लागू करने के पहले साल ही आइआइटी जोधपुर में प्लेसमेंट में 9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2017 में प्लेसमेंट 76 प्रतिशत से बढकऱ 2018 में 85 प्रतिशत आ गया। इस दौरान औसत वेतन में भी 2.50 लाख रुपए से अधिक की वृद्धि हुई।

देश के समस्त आइआइटी में दिसम्बर में प्लेसमेंट सीजन शुरू होता है। जनवरी-फरवरी तक पता चल जाता है कि कितने छात्रों को किस-किस कम्पनी में कितने पैकेज पर सलेक्शन हुआ है। अप्रेल में अंतिम सेमेस्टर होता है और मई में छात्रों को कम्पनी में जॉब मिल जाती है। अप्रेल में अंतिम परीक्षा से पहले विभागवार लर्निंग बाय शेयरिंग कार्यक्रम रखा जाता है। इसमें प्रत्येक विभाग से ऐसे छात्रों को चयन किया जाता है जिनको अच्छी कम्पनी और अच्छा पैकेज मिला। इंट्रेक्शन के समय जूनियर छात्रों को प्लेसड सीनियर छात्रों से किसी भी तरह का सवाल पूछने की आजादी होती है। इससे प्लेसमेंट में सफलता प्राप्त करने का तरीका भी पता चल जाता है। प्लेसमेंट छात्रों से पूछे गए सवाल-जवाब को प्रश्न-उत्तर फॉरमेंट में आइआइटी की प्लेसमेंट विंग तैयार करके इसे वेबसाइट पर डाल देती है। इससे प्रत्येक विभाग की अलग जानकारी अलग तरीके से उपलब्ध हो जाती है।

स्टूडेंट्स ग्रूमिंग भी शुरू की
वर्ष 2017 में देश के समस्त आइआइटी अधिकारियों की ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन के साथ बैठक हुई, जिसमें प्लेसमेंट के दौरान मल्टीनेशनल कंपनियों की ओर से नेगेटिव फीडबैक सामने आने की बात कही गई। कंपनियों के अनुसार छात्र-छात्राओं में बिजनेस मीटिंग एटिकेट, कपड़े पहनने का ढंग, बोलने का तरीका और कम्यूनिकेशन स्किल का अभाव था। इसके बाद समस्त आइआइटी ने स्टूडेंट्स ग्रूमिंग शुरू की है। आईटी जोधपुर प्लेसमेंट ने एनुअल एक्टिविटी कैलेंडर बनाया है जिसके तहत हर महीने अलग-अलग एक्टिविटी की जाती है। इसमें इंटरव्यू, जीडी, एंट्रप्रेन्योरशिप, सॉफ्ट पर्सनल स्किल, कॅरियर काउंसलिंग की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।

प्लेसमेंट में सुधार हुआ
कम्पनी में जॉब ज्वाइन करने से पहले अपने साथियों के साथ इंट्रेक्शन करने के तरीके से प्लेसमेंट में सुधार हुआ है। हम आने वाले समय में इसमें और भी कई एक्टिविटी जोड़ेंगे।
प्रो. संदीप मुरारका, प्लेसमेंट इंचार्ज, आइआइटी जोधपुर

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