अमित दवे/जोधपुर. राजस्थान रोडवेज की ओर से हर साल होली और दीपावली आदि त्योहारों पर यात्रीभार को देखते हुए अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाता है, लेकिन इस बार दीपावली पर रोडवेज प्रबंधन ने अतिरिक्त बसें नहीं चलाने का निर्णय लिया है। बताया जा रहा है कि अधिकतम बसों में पर्याप्त यात्रीभार नहीं मिलने के कारण रोडवेज ने यह कदम उठाया है
रोडवेज की ओर से हर साल डिपो मुख्यालय से होली-दीपावली सहित अन्य विशेष त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाता है लेकिन ग्रामीण रूट पर पर्याप्त यात्री भार नहीं मिलने से बसें खाली चलती हैं। ऐसे में इस बार रोडवेज ने दीपावली पर अतिरिक्त बसों का संचालन नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि इससे कई यात्रियों को परेशानी होगी जो शहर से गांव के लिए त्योहार के दिन ही जाते हैं।
यहां चलती थी अतिरिक्त बसें
अहमदाबाद, जालोर, सिरोही, आबू रोड, अजमेर, जयपुर, बीकानेर, नागौर, कोटा व उदयपुर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यात्रीभार व डिमाण्ड वाले स्थानों के लिए अतिरिक्त बसों का संचालन होता था।
सर्वे हो रहा है
रोडवेज के एमडी आइएएस अधिकारी आलोक ने डिपो प्रबंधकों को डिपो में बसों के संचालन, ओवर लेपिंग को रोकने, घाटा कम करने और अधिक से अधिक यात्रीभार लेने जैसे बिन्दुओं पर सर्वे कर रिपोर्ट मांगी है। इस पर डिपो स्तर पर सर्वे किया जा रहा है।
समय सारणी में भी कम की बसें
रोडवेज मुख्यालय की ओर से रोडवेज बसों के संचालन के लिए 14 अक्टूबर को जारी शीतकालीन समय सारणी में भी बसों को कम किया गया है। इनमें जोधपुर डिपो में 3 बसों का संचालन व करीब 2 हजार किमी संचालन कम कर 23 फेरे कम किए गए है।
अभी तक मुख्यालय से अतिरिक्त बसों के संचालन की कोई सूचना नहीं है। मुख्यालय के आदेशानुसार सर्वे रिपोर्ट तैयार कर रहे है।
बीआर बेड़ा, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज जोधपुर डिपो
रोडवेज कर्मचारियों ने किया कार्य बहिष्कार
राजस्थान रोडवेज श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर आंदोलन के तीसरे चरण में बुधवार को राजस्थान रोडवेज की जोधपुर इकाई के सैकड़ों कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों को संबोधित करते हुए महिपाल सिंह सोढ़ा व भवानीसिंह भाटी ने कहा कि सरकार ने संयुक्त मोर्चे के संगठनों से वादा किया था कि कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर रोडवेज कर्मियों की सभी मांगों का सकारात्मक समाधान किया जाएगा। लेकिन सरकार के सत्ता में आने 10 माह बाद भी कर्मचारियों की मांगे जस की तस है, इसलिए कर्मचारियों में भारी रोष है। प्रदेश सचिव लक्ष्मण सिंह राजपुरोहित ने कहा कि यदि सरकार शीघ्र ही कर्मचारियों की मांगों पर विचार नहीं करती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। कर्मचारी संगठन एटक के कार्यकारी अध्यक्ष बुद्धाराम डूडी ने बताया कि कार्य बहिष्कार में सैंकड़ों कर्मचारियों ने भाग लिया।
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