देणोक (जोधपुर) . प्राचीन काल में गांवों में अपनी अलग से पहचान रखने वाली ओरण, गोचर भूमि वन्यजीवों की संरक्षण स्थली मानी जाती थी। यह भूमि अब भूमाफिया के हत्थे चढ जाने से अपना अस्तित्व खो रही है। इस भूमि पर आज खनन माफिया राजनीतिक पहुंच के बलबूते चांदी काटने में जुटे हुए हैं।
क्षेत्र के ईन्दों का बास ,ईन्दोलाई नाडी, शैतान सिंह नगर ग्राम पंचायत की भूमि पर पिछले कई सालों से धड़ल्ले से मुरड़ का अवैध खनन किया जा रहा है। इसको लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायतें भी की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है।
अवैध रूप से निकाल रहे पत्थर
ईन्दों का बास सहित आस-पास के एक दर्जन से अधिक गांवों में बिनी सरकारी लीज के धड़ल्ले से अवैध रूप से पत्थर निकालकर सरकार को लाखों रुपए की चपत लगा रहे हैं। खनन माफिया पत्थरों को मुंह मांगे दाम लेकर दूसरे गांवों व शहरों तक परिवहन करवा रहे हैं लेकिन इनको कोई रोकने वाला नहीं है।
मुरड़ का अवैध खनन
क्षेत्र के आस-पास के गांवों में सार्वजनिक निर्माण विभाग, कृषि विभाग के मार्फत होने वाली कई नई सडक़ों के निर्माण कार्यों के अतिरिक्त दूसरे कई गांवों में पंचायत की ओर से बनने वाली ग्रेवल सडक़ निर्माण कार्यों में भी इस मुरड़ का उपयोग किया जा रहा है।
इन्होंने कहा
यदि क्षेत्र के किसी गांव में अवैध रूप से पत्थरों एवं मुरड़ का अवैध खनन हो रहा है तो उनके खिलाफ विभाग की ओर से नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
रामेश्वर चौधरी , तहसीलदार बापिणी।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2MBYsvI
0 comments:
Post a Comment