विधानसभा चुनाव में टिकट मांगने वाले अब पार्षद बनने की तैयारियों में जुटे, चुनाव के जरिए महापौर बनने की जुगत

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अविनाश केवलिया/जोधपुर. विधायक बनने के लिए कई नेता कतार लगाए खड़े थे। चाहे कांग्रेस हो या भाजपा सभी पार्टी के नेता एक साल पहले जिस प्रकार से सक्रिय हुए थे ठीक वैसे ही पार्षद चुनावों के लिए भी तैयारी करते दिखे। इनकी नजर पार्षद के जरिये महापौर की कुर्सी तक पहुंचने की थी। लेकिन अब जोधपुर के दोनों नगर निगम के चुनाव स्थगित हो चुके हैं।

ऐसे में दावेदारियां फिलहाल ठंडे बस्ते में है। दिवाली की रामा-श्यामा के बहाने ही सही सोशल मीडिया पर कुछ संदेश वायरल हो रहे हैं। पिछले दिनों 100 वार्ड होने पर आरक्षण लॉटरी से जिनके अरमानों पर पानी फिर गया था वे अब नए सिरे से परिसीमन होने व लॉटरी प्रक्रिया फिर से होने पर उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि दोनों निकाय प्रमुख महिला के लिए आरक्षित हो गया है, ऐसे में इस कुर्सी पर बड़े दिग्गज नेता काबिज नहीं हो पाएंगे। लेकिन यह बात तो स्पष्ट है कि कई बड़े नेता पार्षद पद भी अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहते।

नेता जो पार्षद, विधायक व मंत्री रहे
- सूर्यकांता व्यास जो वर्तमान में सूरसागर से विधायक हैं वह पहले पार्षद रह चुकी हैं।
- शहर विधायक मनीषा पंवार भी पहले पार्षद रह चुकी है।
- भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र गहलोत वर्तमान में पार्षद है, वे पहले राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

कांग्रेस की स्थिति
कांग्रेस में ऐसे 3 नेता हैं जो सरदारपुरा सीट से टिकट मांग रहे थे और अब पार्षद व महापौर के लिए कतार में लग गए। शहर विधानसभा से ऐसे 3 नेता जो विधानसभा के लिए टिकट मांगा, नहीं मिला तो निकाय में भी सक्रिय दावेदार हो गए। सूरसागर में ऐसे 2 नेता हैं जो विधायक नहीं बन पाए तो पार्षद बनने को सक्रिय दिखे।

भाजपा की स्थिति
भाजपा में सरदारपुरा से टिकट मांगने वाले 3 जने थे। इनमें से 2 निकाय चुनाव की दावेदारी में भी शामिल हो गए। शहर विधायक बनने के लिए भाजपा से 4 जने थे, इनमें से 3 निकायों में सक्रिय रहे। सूरसागर से प्रमुख दावेदारी 4 जनों की थी, ये सभी पार्षद के लिए भी कतार में लगे नजर आए थे।

अगले परिसीमन तक फिर बदलेगी परिस्थितियां
अब अगले परिसीमन तक एक बार फिर परिस्थितियां बदल सकती हैं। वार्ड और अधिक छोटे होंगे और आरक्षण स्थिति फिर से बदल जाएगी। फिलहाल दावेदारियां और टिकट मांगने का दौर थम गया है। लेकिन अब दीपावली की बधाइयों का दौर जारी है। आगामी 4-5 माह बाद फिर से दावेदारियां सक्रिय हो सकती हंै।

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