अविनाश केवलिया/जोधपुर. जोधपुर डिस्कॉम प्रबंधन ने पिछले सालों में अपने आइटी सिस्टम का काफी विस्तार किया है। हर सहायक अभियंता कार्यालय तक कम्प्यूटर पहुंचाए और अधिकांश कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। लेकिन यदि इन कार्यालयों के सिस्टम खराब होते हैं तो उनकी मरम्मत की कोई खास जिम्मेदारी नहीं है। पिछले कुछ दिनों में कई कार्यालय के सिस्टम में ऐसी ही दिक्कतें आ रही है। मुख्य रूप से एंटी वायरस अपडेट करने के लिए स्थानीय कार्यालयों को अपने स्तर पर ही मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
डिस्कॉम प्रबंधन ने कम्प्यूटर सिस्टम तो दिए लेकिन उनको सुरक्षित रखने के लिए एंटी वायरस नहीं दिया। इसलिए अब पिछले काफी समय से अब सिस्टम को इतनी जरूरत महसूस हुई तो काम ठप हो रहा है। कई एइएन कार्यालयों में डिस्कॉम के दिए सरकारी सिस्टम बंद पड़े हैं। कुछ कार्यालयों में अभियंताओं ने अपने स्तर पर काम शुरू करवा दिया है। लेकिन एक समान राशि नहीं होने के कारण अब ऑडिट पैरा का डर भी सता रहा है।
क्या है परेशानी
कम्प्यूटर सिस्टम में खराबी होने पर कई कार्यालयों में सिस्टम बंद पड़े हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के काम भी प्रभावित हो रहे हैं।
क्या कर रहे उपाय
सिस्टम को चलाने के लिए स्थानीय कार्यालय अपने स्तर पर ही एंटी वायरस अपडेट करवा रहे हैं। लेकिन इसके लिए 8 हजार से 15 हजार तक की अलग-अलग राशि देनी पड़ रही है। जब ऑडिट होगी तो इन पर आपत्तियां होने का अंदेशा है।
क्या है स्थाई समाधान
डिस्कॉम कॉर्पोरेट कार्यालय की आइटी विंग यदि एक रूप से एंटी वायरल उपलब्ध करवाए तो सभी 10 जिलों में एक साथ समाधान हो सकता है।
कोई समाधान नहीं
राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश दाधीच ने बताया कि पिछले लम्बे समय से कर्मचारियों की इस समस्या की शिकायत मिल रही है। डिस्कॉम प्रबंधन से बात भी की, लेकिन कोई समाधान नहीं।
नहीं है कोई प्रावधान
डिस्कॉम आईटी विंग के अधीक्षण अभियंता उमेश माथुर ने बताया कि एंटी वायरल की केन्द्रीयकृत व्यवस्था करने का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए एक बैठक कर निर्णय पारित करवाना पड़ेगा। फिलहाल स्थानीय अभियंताओं को अपने स्तर पर ही व्यवस्था करनी होती है।
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