सीनियर इंजीनियर्स ने कहा अब अधिक स्पेशलाइजेशन की नहीं, बदलते समय के साथ बदलाव की है जरूरत

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जोधपुर. दी इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर के स्थानीय केंद्र, सतीश कुंती गोयल फ ाउंडेशन जोधपुर और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से रविवार को 52वां इंजीनियर डे मनाया गया। इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर के सेमिनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम में नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिएशन के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने कहा कि अब इंजीनियर को बहुत अधिक स्पेशलाइजेशन की नहीं, बल्कि बदलते समय के साथ बदलाव की जरूरत है।

वर्ष 1950 में इंजीनियरिंग की नॉलेज दुगुनी होने में 50 साल लग गए थे लेकिन अब हर दो महीने में इंजीनियरिंग बदल रही है। समारोह के मुख्य अतिथि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक एसके मिश्रा ने कहा कि इंजीनियर देश के विकास में मील का पत्थर है। इंजीनियरिंग के विकास ने भौतिक सुविधाओं से लेकर मनुष्य के स्वास्थ्य को भी बेहतर किया है। अब मशीनों के जरिए स्वास्थ्य की देखभाल की जा रही है जो बेहतर इंजीनियरिंग का परिणाम है।

engineers day celebrations in jodhpur

सचिव प्रो. अखिल रंजन गर्ग ने बताया कि इस साल का सतीश कुंती गोयल फ ाउंडेशन पुरस्कार डॉ अग्रवाल को गया। इस अवसर पर भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की प्रतिमा का अनावरण गोयल हास्पिटल के डायरेक्टर डॉ. आनंद गोयल व लोकल सेन्टर के सदस्यों की उपस्थिति में किया गया।


जेएनवीयू इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. वीके भंसाली, राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा के कुलपति प्रो. आरए गुप्ता, पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर जेएम मेहता को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। सेमसंग सेमीकंडक्टर इंडिया के सीनियर डायरेक्टर मनोज चौधरी, अलमोंज ग्लोबल इन्फ ा्र कन्सल्टेंट लिमिटेड के डायरेक्टर विनोद गिरी और इन्नोएम्बड टेक्नोलोजिस एलएलपी की फ ाउंडर एण्ड डायरेक्टर झिलमिल कोचर को एचिवर्स अवार्ड से सम्मानित किया गया।



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