जोधपुर.
दो वर्ष पहले नाबालिक लड़की (minor girl) को बहला-फुसलाकर शादी की नियत से भगा ले जाने तथा उसके साथ बलात्कार (rape) करने के आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) (376(2) ofIPC ) के तहत दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत सुनवाई के लिए बनी विशेष अदालत (special court) के न्यायाधीश रूपचंद सुथार ने आरोपी पर 15 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया।
न्यायाधीश ने अपने फैसले में लिखा कि वर्तमान समय में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचार और दिन प्रतिदिन यौन अपराधों को देखते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने से ऐसे अपराधों में कमी आएगी। फैसले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (zila vidhik seva pradhikaran) को पीडि़त प्रतिकर स्कीम के तहत पीडि़ता को प्रतिकर राशि दिलाने की अनुशंसा भी की।
मामले के अनुसार 30 सितंबर 2017 को बोरुंदा थाने (police station of bournda) में दर्ज एफआइआर में बताया गया कि बोरुंदा कस्बे के चौकड़ी कला गांव निवासी सत्तू ऊर्फ सत्यनारायण पुत्र मोहनदास साद नाबालिग भतीजी को रात में फुसलाकर भगा ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान के बाद अभियुक्त सत्यनारायण ऊर्फ सत्तू के खिलाफ आइपीसी तथा पोक्सो एक्ट के तहत 17 जनवरी, 2018 को न्यायालय में चालान पेश किया। अंतिम बहस में राज्य सरकार (state govt. of rajasthan) की ओर से नियुक्त लोक अभियोजक पोकरराम विश्नोई ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि आरोपी के अधिवक्ता ने आपसी सहमति का मामला बताते हुए बरी करने का निवेदन किया था।
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