मारवाड़ की धूप में दम तोड़ रहे हैं बिजली मीटर, गर्मी से लेकर मानसून तक आती हैं सर्वाधिक शिकायतें!

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अविनाश केवलिया/जोधपुर. मारवाड़ की गर्मी में हमारी जेब को झटका देने वाले बिजली के नए मीटर मौसम का एक चक्र भी पूरा नहीं कर पाते। गर्मी के बाद आने वाली बारिश तक उनका डिस्प्ले खराब हो जाता है। यही कारण है कि घरों के बाहर लगे मीटर खराब होने की शिकायतें गर्मी से लेकर मानसून तक सर्वाधिक आती हैं। बिजली के मीटर सुविधा के लिए घरों के बाहर लगाए गए, लेकिन दुविधा बन गए।

घर के बाहर मीटर लगाने के पीछे सोच यह थी कि उपभोक्ता को बिना परेशान किए मीटर रीडिंग ली जा सकेगी और मीटर में किसी तरह छेड़छाड़ कर की जाने वाली बिजली चोरी पर अंकुश लगेगा। लेकिन पिछले कुछ सालों में घरों के बाहर लगाए मीटर का प्लास्टिक कवर चंद माह में ही पीला पड़ रहा है। इसका कारण पश्चिमी राजस्थान की तेज गर्मी और सीधी धूप है। खराब कवर डिस्कॉम को अपने खर्च पर ही यह कवर बदलवाने पड़ते हैं।

कई बार (लॉक) लिखा आ जाता है बिल

मीटर से रीडिंग नहीं ली जा सकती और उपभोक्ता घर पर नहीं मिलता तो ऐसी स्थिति में मीटर को ‘लॉक’ मानते हुए बिल थमा दिया जाता है। जबकि मीटर चालू स्थिति में होता है लेकिन उसकी डिस्प्ले खराब होती है। प्रत्येक एईएन कार्यालय में एक 5-7 उपभोक्ता हर माह आते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को डिस्प्ले बदलवाने के लिए कार्यालय के लगातार चक्कर लगाने पड़ते हैं।

डायरेक्टर सनलाइट कर रही इफैक्ट
घरों के अंदर या छांव में लगे मीटर कई सालों से सही चल रहे हैं। भीतरी शहर के कई हिस्सों में 10-15 सालों से मीटर नहीं बदले गए। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में खुले में लगे मीटर डायरेक्ट सनलाइट के प्रभाव से डिस्प्ले देने में परेशानी खड़ी कर रहे हैं।

एक नजर में मीटर पर गर्मी का प्रभाव

- 2 हजार से अधिक मीटर गर्मी में हर माह दम तोड़ देते हैं
- धूप में मीटर पीला पडऩे से रीडिंग नजर नहीं आती
- डिस्प्ले डिस्कॉम अपने स्तर पर करता है ठीक
- नए मीटर खरीद के बाद सबसे ज्यादा समस्या

इनका कहना है...

तेज धूप के कारण घरों के बाहर लगे मीटर का कवर खराब हो जाता है और रीडिंग लेने में परेशानी होती है। यह शिकायतें लगातार आ रही है। लेकिन नए मीटर खरीद की प्रक्रिया फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
- हवासिंह, मुख्य अभियंता (पर्चेज एंड स्टोर), जोधपुर डिस्कॉम

यह समस्या मेरे सामने नहीं आई है। यदि है तो अभियंताओं से रिपोर्ट लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।

- अविनाश सिंघवी, प्रबंध निदेशक, जोधपुर डिस्कॉम



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