लोहावट/ जोधपुर। जोधपुर जिले के लोहावट थाना क्षेत्र के दयाकोर गांव में दो व्यक्तियों में 3 वर्षों से चल रहे जमीनी विवाद में एक व्यक्ति के जातीय पंचों की ओर से दिए गए बिना शर्त मकान व जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम करवाने तथा एक लाख रूपए देने के तुगलकी फरमान को नहीं मानने पर उस व्यक्ति को समाज से बहिष्कृत कर दिया तथा हुक्का पानी बंद कर देने का मामला सामने आया है। जातिय पंचों के खिलाफ न्यायालय के इस्तगासा के माध्यम से मामला दर्ज हुआ है।
पंचों ने मीटिंग बुला कर पूछा, कैसे आ गए यहां
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई तथा अनुसंधान प्रारंभ किया। दयाकोर निवासी हरीराम पालीवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाकर बताया कि 10 अप्रैल को उसके गांव में समाज का सामूहिक भोज था। निमंत्रण पर वह भोज में गया। वहां पर पंचों ने एकराय होकर मीटिंग भी बुलाई। वहां पर पंच मोहनलाल पुत्र लूणकरण पालीवाल सहित सात पंचों ने कहा कि आप यहां पर कैसे आ गए।
हाथ पकड़ सामूहिक भोज से निकाला, परिवार को जान से मारने की धमकी दी
हम पालीवाल समाज के लोगों ने घेवरराम ब्राह्मण को जो आपके विवादग्रस्त मकान व जमीन है वह बिना शर्त उसके नाम करवाकर उसे एक लाख रूपए देने का कहा था। आप ने समाज की बात पर कोई गौर नहीं किया। इसलिए आप समाज मे बैठने योग्य नहीं है। पंचों ने उसे व उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया तथा हुक्का पानी बंद कर दिया। उसे भोज से हाथ पकड़कर धक्के देकर वहां से निकल दिया। वही पंचों ने धमकी दी कि कोई पुलिस व न्यायालय में कार्रवाई करने पर उसे तथा उसके परिवार को जान से मार देगें।
पंचों ने डाला दबाव
पीड़ित ने बताया कि भूपंचों ने उस पर दबाव डाला कि वो एक लाख रूपए देगा, तभी उसका राजीनामा करवाया जाएगा अन्यथा समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। रूपए नहीं देने के कारण पीड़ित को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। साथ ही समाज के सामूहिक भोज से भी हाथ पकड़ कर निकाल दिया गया।
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