Twitter CEO पर लगा इस समुदाय की भावनाएं आहत करने का आरोप, कोर्ट ने 12 अप्रैल तक पुलिस के समक्ष पेश होने के दिए निर्देश

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को ट्विटर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जैक डोरसे के विधिक प्रतिनिधि को 12 अप्रैल या इससे पहले पुलिस के समक्ष जांच के लिए उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। डोरसे के खिलाफ एक समुदाय की भावनाएं आहत करने को लेकर जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के बासनी पुलिस थाने में मामला दर्ज है। न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की एकलपीठ में सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक ने बताया कि पुलिस अब तक जांच पूरी नहीं कर पाई है।

न्यायाधीश गर्ग ने डोरसे के अधिवक्ता महेश जेठमलानी तथा मुक्तेश माहेश्वी को कहा कि विधिक प्रतिनिधि 12 अप्रैल या इससे पहले पुलिस के समक्ष पेश होकर अपना पक्ष रखें, ताकि पुलिस जांच समय पर पूरी हो सके। कोर्ट ने जांच अधिकारी को 24 अप्रैल तक जांच पूरी कर निष्कर्ष कोर्ट के समक्ष पेश करने के आदेश भी दिए हैं। अगली सुनवाई तक डोरसे की गिरफ्तारी पर रोक यथावत रहेगी।

गौरतलब है कि बासनी पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में डोरसे पर ब्राहमण समाज की कथित मानहानि का आरोप लगाया गया है। डोरसे ने प्राथमिकी रद्द करने के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, पूर्व में भी कोर्ट ने डोरसे को व्यक्तिगत रूप से पेश न होकर विधिक प्रतिनिधि के माध्यम से अपना पक्ष रखने की छूट दी थी। अब कोर्ट ने जांच को जल्दी पूरा करने के लिए दुबारा निश्चित समय सीमा में प्रतिनिधि को पेश होने के लिए पाबंद किया है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2TZO32m
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment