सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर चढऩे लगा दूध का कर्ज!

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

बेलवा (जोधपुर). राज्य सरकार की ओर से राजकीय विद्यालयों में बच्चों का ठहराव व नामांकन बढ़ाने के लिए पिलाए जाने वाले दूध का कर्ज अब शिक्षकों पर चढऩे लगा है। अन्नपूर्णा दूध योजना में दूध का भुगतान नहीं होने से दूध उधारी की गाड़ी से चल रहा है।

 

राजकीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को अन्नपूर्णा योजना के तहत प्रार्थना सभा के दौरान दूध पिलाया जाता है। गत वर्ष 02 जुलाई को विद्यार्थियों की सेहत को लेकर अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू की थी। जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्र के दूध डेयरी व पशुपालकों से शिक्षक दूध खरीद कर बच्चों को दूध पिलाते थे।

 

पहले तो समय पर दूध के रुपए संस्था प्रधानों के खातों में आ गये, लेकिन गत दो माह से दूध का भुगतान नहीं होने से संस्था प्रधानों के सामने समस्या पैदा हो गई है। स्कूलों में दूध की आपूर्ति करने वाले अब दूध आपूर्ति में आनाकानी कर रहे है। समय पर पैसों का भुगतान नहीं होने से पशुपालक दूध की आपूर्ति नहीं करने की चेतावनी भी दे रहे है। 150 व 200 एमएल दूध मिलता है बच्चों को योजना के तहत कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को 150 एमएल व कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को 200 एमएल दूध दिया जाता है। अब बजट के अभाव में दूध के पैसों को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवाया गया है।

 

तीन लाख बच्चे पी रहे है दूध
अन्नपूर्णा दूध योजना के अन्तर्गत जोधपुर जिले में करीब तीन लाख दस हजार एक सौ आठ विद्यार्थियों को दूध पिलाया जा रहा है। जुलाई 2018 में तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे ने योजना की शुरूआत की थी। जिसमें सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाया जाता था। हालांकि अब सितंबर 2018 से स्कूलों में सभी कार्य दिवस पर बच्चों को दूध दिया जाने लगा। जिले की 3507 स्कूलों के करीब 310108 बच्चों को कार्य दिवस में दूध पिलाया जा रहा है।

 

इन्होंने कहा

अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत जिले के चार सीबीओ को समय पर बिल कार्यालय में नहीं भेजने की अनियमितताओं को लेकर विभाग ने नोटिस जारी किया है। कुछ जगह से मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही से भुगतान अटक गया था। दिसंबर 2018 तक के दूध के पैसों का भुगतान किया है। जीएसटी व बजट कारणों से दूध का पिछले दो माह का भुगतान नहीं हो पाया है। जनवरी माह का भुगतान जल्द करवा दिया जाएगा। स्कूलों में नियमित बच्चों को दूध पिलाने को लेकर संस्था प्रधानों को निर्देश दिए है।

-संतोष, प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारी जोधपुर।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2uvphYx
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment