ये गिरोह ऐसे चोरी करता कि रिश्तेदारों पर हो जाता शक, फिर जुए और शराब में उड़ाते माल

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जोधपुर. खांडाफलसा थाना पुलिस ने शहर में आधा दर्जन मकानों में चोरी करने वाले ऐसे शातिर चोर गिरोह को पकड़ा है जो सूने मकानों की रैकी कर मास्टर चाबी से मकान का ताला खोल चोरी कर वापस ताला लगा देते थे। ये चोर सिर्फ नकदी व आभूषण चोरी करते थे और कुछ कीमती आभूषण वहीं छोड़ जाते थे, ताकि चोरी के बाद मकान मालिक रिश्तेदारों पर शक करें। मकान के ताले नहीं टूटने के कारण मकान मालिक को भी किसी परिचित पर ही चोरी करने का संदेह होता था। शातिर चोर जुआ और शराब पर लाखों रुपए खर्च कर देते थे। इसी कारण पुलिस के रडार में आए गए।

खांडाफलसा थानान्तर्गत सुखानन्द की बगेची, गंगलाव की घाटी, मोचीयों की घाटी, कुम्हारिया कुआ, छींपो का चौक, रूप नगर महामंदिर में आधा दर्जन सूने मकानों में चोरी की वारदातों के बाद पुलिस कमिश्नर बीजू जोर्ज जोसफ के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम में शामिल हेडकांस्टेबल सुनील को मुखबीर से पता लगा कि कुछ चोर कई दिन से शराब व जुए पर लाखों रुपए खर्च कर रहे हैं। इस पर टीम ने जांच पड़ताल के बाद सोमवार को खाण्डफलसा के बकरामण्डी निवासी बबलू उर्फ मोहम्मद इशाक (25) पुत्र अब्दुल सलाम, सद्दाम अली उर्फ कालु भाटी (25) पुत्र मोहमद अनवर, न्यू चांदपोल रोड बरकतुल्ला कॉलोनी के अब्दुला (21) पुत्र मोहमद साबिर, बकरामण्डी निवासी बाबू उर्फ सदाम हुसैन (21) पुत्र अबु बकर, मदीना मस्जिद के सामने वाली गली निवासी मोहम्मद अली (22) पुत्र अली हुसैन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में 6 मकानों से लाखों की नकदी व आभूषण चोरी की वारदातें कबूली। आरोपियों ने के खिलाफ विभिन्न थानों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं।


चोरी का फूलप्रुफ तरीका

आरोपियों ने बताया कि वे पहले सूने मकानों की रैकी करते थे। जिस मकान पर लगातार दो दिन ताला मिलता था वहीं चोरी करते थे। ये लोग मकान के पीछे या ऊपर से अंदर घुसते थे। अंदर जाने का रास्ता नहीं मिलने पर मास्टर चाबी से ताला खोलते थे। मकान से सिर्फ नकदी व आभूषण चुराते थे और कुछ कीमती सामान वहीं छोड देते थे और उसी हालत में मकान को फिर ताला लगा देते थे। इससे मकान मालिक अपने रिश्तेदारों पर संदेह करते थे। एक बार जहां चोरी करते, वहां वापस चोरी करने नहीं जाते थे। आरोपियों को भरोसा था कि चोरी का तरीका फूलप्रुफ है और कभी नहीं पकड़े जाएंगे। चोरी के दौरान वे मोबाइल भी नहीं रखते थे। आखिर पुलिस ने परम्परागत पुलिसिंग के तरीके से पड़ताल कर गिरोह को पकड़ा।


ये शामिल थे टीम में
विशेष टीम में खाण्डाफलसा थानाधिकारी राजेंद्र चौधरी, हेडकांस्टेबल भंवरलाल, सुनिल, कांस्टेबल सुरेश बिश्नोई, नेमाराम, श्रवण, राकेश, महिपाल सिंह, महेंद्र शामिल थे।



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