परीक्षा के बाद स्ट्रेस दूर करने गए जोधपुर के दो MBBS छात्रों की उदयपुर के पास सडक़ हादसे में मौत

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जोधपुर. उदयपुर. उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग पर चीरवा टनल से आगे बुधवार सुबह एक अनियंत्रित कार बाइक सवार युवक को चपेट में लेती हुई हाईवे किनारे लगी लोहे की रेलिंग जा घुसी। हादसे में कार सवार दो एमबीबीएस छात्र की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तथा उनके दो साथी व बाइक सवार युवक घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि रैलिंग पर लगी लोहे की पत्तियां कार में सवार एक छात्र के शरीर को चीरती हुई आर-पार निकल गई। मृतक व घायल छात्र जोधपुर के डॉ.एसएन कॉलेज में अध्ययनरत हैं जो परीक्षा खत्म होने पर छुट्टियां मनाने उदयपुर जा रहे थे। हादसा सुबह करीब 9.30 बजे चीरवा टनल से आगे हुआ। नाथद्वारा की तरफ से तेज गति से आई कार मोड पर आगे चल रहे बाइक सवार चीरवा निवासी प्रकाश (28) पुत्र लोगर गमेती को चपेट में लेती हुई हाईवे किनारे लगी रेलिंग में जा घुसी।

हादसे में कार सवार जोधपुर स्थित डॉ.एसएन कॉलेज के छात्र बिठणी सांचोर (जालोर) निवासी सुनील (24) पुत्र जगदीशचन्द्र सारण व बजू खालसा बीकानेर निवासी सुनील उर्फ जॉनी (24) पुत्र राजाराम विश्नोई की मौके पर ही मौत हो गई तथा उनके साथी जोटवाड़ा जयपुर निवासी रोहित (21) पुत्र देवकरण चौधरी, सोनू चौधरी (22) तथा बाइक सवार प्रकाश गंभीर घायल हो गए। हादसे के बाद लोगों ने रेलिंग में फंसी कार में से कड़ी मशक्कत कर मृतकों व घायलों को बाहर निकाल एमबी चिकित्सालय पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद शवों को मुर्दाघर में रखवाया तथा रोहित के पैर व कमर में चोट आने पर उसे ट्रोमा वार्ड में भर्ती किया। सोनू को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि प्रकाश की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे अहमदाबाद ले गए।

स्पीड में स्टेयरिंग से खोया नियंत्रण

प्रत्यक्षदर्शियों व पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार कार ओवरस्पीड थी। स्पीड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार रैलिंग के घुसने के दौरान एक खम्भे से टकराई। जमीन में गढ़ा यह खम्भा उखडऩे के बाद मुड़ी हालत में काफी दूर जा गिरा। वहीं रैलिंग की आधे से ज्यादा लोहे ही पत्तियां टूट गई और कार भी उसी में फंस गई। एक मृतक के पैरों व कमर के बीच के हिस्से में यह पत्तियां घुस गई। संयोग से रोहित व सोनू पीछे वाली सीट पर बैठे होने से बच गए।

एक के पिता मेल नर्स व एक के पुलिस महकमे में
पुलिस ने बताया कि मृतक सुनील सारण अपने परिवार का इकलौता चिराग था। उसके पिता सांचोर के बेडिय़ा गांव में स्थित चिकित्सालय में मेल नर्स है जबकि सुनील विश्नोई के पिता पुलिस महकमे में है। सुनील के एक भाई व एक बहन है। पोस्टमार्टम के बाद जब पुलिस ने परिजनों को शव सौंपे तो उनकी रुलाई फूट पड़ी।



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